
बिजली नहीं मिलने पर टिकरी बॉर्डर पर आंदोलन में शामिल किसानों ने दिल्ली-रोहतक नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। गुरुवार देर रात को किसानों ने करीब 2 घंटे तक नेशनल हाईवे जाम रखा। बिजली आने पर जाम खोल दिया। दरअसल, किसान करीब 5 घंटे के बिजली कट से परेशान होकर बिजली कार्यालय पहुंचे थे। लेकिन वहां उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
किसानों का कहना है कि अधिकारियों के फोन बंद थे और दफ्तर में कोई भी कर्मचारी उन्हें यह नहीं बता रहा था की बिजली का यह कट किसी लाइन फॉल्ट के चलते है या फिर जानबूझकर बिजली काटी गई है। इससे नाराज होकर आंदोलनकारी किसान बहादुरगढ़ बाइपास पर स्थित जाखोदा मोड़ और कसार मोड़ पर नेशनल हाईवे की सड़क पर बैठ गए और जाम लगा दिया।
जाम लगने के कारण दिल्ली-रोहतक नेशनल हाईवे पर गाड़ियों की लंबी लाइनें लग गईं। करीब 2 घंटे बाद जब बिजली आई तो किसानों ने जाम को खोला। मगर किसानों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार उन्हें मूलभूत सुविधाएं तक प्रदान नहीं कर रही है। वह परेशान तो हैं, लेकिन सरकार चाहे उन्हें कितना भी परेशान कर ले । किसान न तो झुकेंगे और न ही पीछे मुड़ेंगे। आंदोलन जारी रहेगा।
1 दिन पहले भी टिकरी बॉर्डर के आंदोलनकारी किसानों ने बहादुरगढ़ के लघु सचिवालय के सामने सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया था और सरकार पर उन्हें बिजली पानी और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान नहीं करने के आरोप लगाए थे।





