
केंद्र सरकार का दिल्ली से मुंबई एक्सप्रेस वे(Mumbai Expressway) और नोएडा एयरपोर्ट पर ध्यान केंद्रित है.हाल ही के कुछ दिनों में दिल्ली- वडोदरा- मुंबई एक्सप्रेसवे को लेकर कई बड़ी खबरें सामने आ रही है. इन खबरों में बताया जा रहा है कि अब एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य जिस गति से होना चाहिए था उतनी तेजी से नहीं किया जा रहा है. आइए जानते है इसके पीछे क्या कारण
जानकारी के अनुसार कुछ पेट्रोल पंप व कुछ झुग्गी और ट्यूबल भी इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण में बाधा बने हुए हैं. इन्हें हटाने का काम किया जा रहा है, परंतु यह कार्य बहुत धीमी गति से हो रहा है. वही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण दोनों अपने अपने स्तर पर काम कर रहे हैं. इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा पेट्रोल पंप बने हुए है. इसमें सबसे जरूरी 10 पेट्रोल पंप भी हैं, जिनमें से आठ का शिफ्ट होना बहुत जरूरी है. जिसके कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा. उसके लिए पेट्रोल पंप और सीएनजी स्टेशनों को भी एचएसवीपी के द्वारा नोटिस जारी कर दिया गया है.

31 मार्च तक का समय
बाईपास किनारे कब्जे व अतिक्रमण के सफाये के लिए मार्च के पहले सप्ताह से तोड़फोड़ शुरू हो सकती है। सर्वे शाखा की ओर से तोड़फोड़ का शेड्यूल तैयार कर लिया है। इसे अनुमति के लिए संपदा अधिकारी के पास भेज दिया है। संचालकों को पंप शिफ्ट करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है. वही कुछ झुग्गी और ट्यूबवेल भी इसके निर्माण में बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं. बाईपास किनारे जितने भी ट्यूबल लगे हुए हैं वह सभी बाधा बन रहे हैं उन्हें एनएचएआई ने शिफ्ट करने की योजना बनाई है.
झुग्गियों को ले करके अभी हाई कोर्ट में केस चल रहा है इस जगह से स्टे भी मिल चुका है, इसलिए अब एचएसवीपी को झुग्गियां हटाने से पहले उन्हें फ्लैट मुहैया करवाने होंगे. इस मार्ग में आने वाली बाधाओं को 31 मार्च तक हटाने की बात सामने आई है. एनएचएआई के उप मुख्य प्रबंधक धीरज सिंह के अनुसार मूलभूत सुविधाओं को भी शिफ्ट करने की जिम्मेदारी प्राधिकरण के पास है. उन्होंने बताया कि काम में ढील बरती जा रही है. वही कंस्ट्रक्शन कंपनी के द्वारा चौराहों पर एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य अच्छे से चल रहा है.




