डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा- हरियाणा सरकार की एकमुश्त निपटान योजना व्यापारियों के लिए लाभकारी

By Sahab Ram
On: July 28, 2026 7:18 PM
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झज्जर, 28 जुलाई।
हरियाणा सरकार द्वारा छोटे व्यापारियों को लाभ देने के लिए शुरू की गई एकमुश्त निपटान स्कीम को व्यापारियों ने प्राथमिकता देते हुए उसका भरपूर लाभ उठाया है। इस स्कीम की अभूतपूर्व कामयाबी को देखते हुए सरकार ने एक बार फिर निपटान योजना लागू की है। व्यापारी वर्ग नियमानुसार इस योजना का लाभ उठाकर पुराने बकाया करों का भुगतान सकते हैं। यह जानकारी डीसी वर्षा खांगवाल ने दी।
डीसी ने बताया कि इससे जीएसटी में कम से कम बकाया राशियों के साथ आगे बढ़ा जाए ताकि जीएसटी संग्रह को बढ़ाने में अधिक से अधिक समय और ध्यान दिया जा सके।
डीसी ने बताया कि सरकार द्वारा गत 1 जून से 120 दिनों के लिए 28 सितंबर 2026 तक एक मुश्त निपटान स्कीम, 2026 शुरू की है। जिसके तहत सात कराधान अधिनियमों के तहत निर्धारित बकाया देय राशि के निपटान का प्रावधान है। यदि किसी करदाता पर किसी संबंधित अधिनियम के अंतर्गत एक वर्ष में 1 लाख रुपये तक का कर बकाया है तो उसे इस स्कीम में आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। उसका उस वर्ष के लिए उस अधिनियम में संपूर्ण कर, ब्याज एवं जुर्माना राशि माफ हो जाएगी। आवेदक अपने बकाया देय राशि के निपटान के लिए किसी भी अधिनियम में किसी भी वर्ष के लिए आवेदन कर सकता है। पूर्ववर्ती हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 के तहत बकाया राशि के निपटान के लिए विशेष छूट उपलब्ध है। हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 को 1 अप्रैल, 2003 से हरियाणा मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2003 के लागू होने के साथ निरस्त कर दिया गया था। हरियाणा सामान्य बिक्री कर के तहत बकाया देय बहुत पुराने हैं, इसलिए 1 लाख से अधिक कर बकाया वाले सभी मामलों में 70 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।

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वैधानिक प्रपत्रों के जमा न करने के कारण बड़ी संख्या में बकाया राशि का होगा भुगतान
उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त अजय कुमार ने बताया कि फार्म सी, फार्म एफ, फार्म एच, फार्म ई1, फार्म ई2, टैक्स इनवॉइस/वैट सी-4, वैट डी1, वैट डी2 आदि जैसे वैधानिक प्रपत्रों के न जमा करने के कारण बड़ी संख्या में बकाया राशि देय है।  इन बकाया को विशेष रूप से लक्षित करने के लिए एक नई छूट प्रस्तावित की जा रही है। यदि कोई व्यक्ति अब ऐसे प्रपत्र प्रस्तुत करने में सक्षम है, तो उसके कर की मांग उन प्रपत्रों के प्रस्तुत करने से प्राप्त होने वाली छूट की राशि से घटा कर कम कर दी जाएगी, बशर्ते ये प्रपत्र तीन महीने के भीतर सत्यापित हो जाएं। यह लाभ ऐसे फर्जी/नकली फर्मों को उपलब्ध नहीं होगा जिनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू की गई है। यह लाभ उन वैधानिक प्रपत्रों के लिए भी उपलब्ध नहीं होगा जिन्हें पहले प्राधिकरणों द्वारा अस्वीकार कर दिया गया था। यह केवल हरियाणा मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2003 और केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम, 1956 से संबंधित बकाया राशि पर लागू होगा। उन्होंने बताया कि स्कीम के तहत हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 के तहत प्रदान की गई कर छूट में एक रुपए से एक लाख रुपये तक कर छूट का 100 प्रतिशत, अन्य मामले में कर छूट का 70 प्रतिशत है। अन्य अधिनियमों के अधीन उपलब्ध छूट में एक रुपये से एक लाख रुपये तक कर छूट का 100 प्रतिशत, 1 लाख से 10 लाख तक 60 प्रतिशत, 10 लाख से 1 करोड़ तक 50 प्रतिशत, 1 करोड़ से 10 करोड़ तक 40 प्रतिशत, 10 करोड़ रुपये से 30 करोड़ तक 35 प्रतिशत, 30 करोड़ रुपये से 60 करोड़ तक 30 प्रतिशत, 60 करोड़ रुपये से अधिक पर 0 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत ब्याज तथा जुर्माना राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी गई है।

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बकाया करराशि की स्लैब तक मिलेगा पूर्ववर्ती स्लैब में दी गई छूट का पूर्ण लाभ
डीईटीसी ने बताया कि आवेदक को प्रत्येक पूर्ववर्ती स्लैब में दी गई छूट का पूर्ण लाभ उसके बकाया कर राशि की स्लैब तक मिलेगा। बकाया राशि निर्धारित करने वाले किसी भी आदेश के विरूद्ध अपील या मुकदमे में शामिल आवेदक भी लंबित अपीय या मुकदमे को वापस लेने की शर्त के साथ इस स्कीम के तहत आवेदन कर सकते है। निपटान की राशि का भुगतान किस्तों में करने की भी सुविधा स्कीम में दी जा रही है। पांच लाख रुपए तक के निपटान की राशि के लिए कोई किस्त नहीं। पांच लाख रुपए से अधिक और पच्चीस लाख रुपए तक के निपटान की राशि के लिए दो समान किस्तें। एक किस्त आवेदन जमा करते समय और दूसरी अंतरिम आदेश की तिथि से 60 दिनों के भीतर। पच्चीस लाख रुपए से अधिक के निपटान की राशि के लिए तीन किस्तें होगी। आवेदन जमा करते समय निपटान राशि का 40 प्रतिशत, अंतरिम आदेश की तिथि से 60 दिनों के भीतर दूसरी किस्त, निपटान राशि का 30 प्रतिशत और अंतरिम आदेश की तिथि से 120 दिनों के भीतर शेष राशि की तीसरी किस्त। ऐसे मामलों में जहां निपटान के लिए आवेदन सही पाया गया है और स्वीकार कर लिया गया है तो आवेदक के खिलाफ कोई आगे की कार्रवाई शुरू नहीं की जाएगी।

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Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

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