सिरसा। प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि राजकुमार शर्मा ने नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण को देश के लाखों विद्यार्थियों और युवाओं के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने की मांग की है। जारी बयान में उन्होंने कहा कि देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक नीट परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी थी, लेकिन सरकार और शिक्षा मंत्री इस जिम्मेदारी का निर्वहन करने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। ऐसी स्थिति में नैतिकता के आधार पर शिक्षा मंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
राजकुमार शर्मा ने कहा कि पिछले कई दिनों से देशभर के लाखों छात्र और युवा अपनी न्यायसंगत मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं तथा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को सुनने और उनकी मांगों पर विचार करने के बजाय सरकार दमनकारी रवैया अपना रही है। शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है तथा उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी विद्यार्थियों और युवाओं के संघर्ष में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन करने पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ भी पुलिस द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। इसके बावजूद कांग्रेस नेतृत्व पीछे नहीं हटा और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से उठाता रहा। उन्होंने कहा कि देशभर के विद्यार्थियों और युवाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। सरकार को समय रहते युवाओं की भावनाओं को समझना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। राजकुमार शर्मा ने मांग की कि नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।





