भिवानी, 19 जुलाई। स्थानीय हुड्डा पार्क में आज पीएसीएल, राष्ट्रीय सहारा, किम फ्यूचर विजन, नेक्टर कमर्शियल, गौपैथी स्वदेशी उद्योग, आदर्श सोसायटी, सर्वहित हाउसिंग लिमिटेड, विनायक होम सहित अन्य चिटफंड कंपनियों के निवेशकों ने बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान रमेश तंवर ने की व संचालन तप-जप संगठन हरियाणा प्रधान रामजस सैन ने किया।
इस दौरान रामजस ने बताया कि बड्स एक्ट- 2019 के तहत सभी चिटफंड कंपनियों के निवेशकों ने जिला स्तर पर दस्तावेज जमा करवाए थे, जिसकी सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसलिए सभी निवेशकों में रोष होने के कारण 31 जुलाई-2026 को बड़ी संख्या में भारत देश के निवेशक दिल्ली जंतर-मंतर पर पहुंचकर संसद का घेराव करेंगे। उन्होंने बताया कि जिला भिवानी बड़ी संख्या में पीड़ित निवेशक भाग लेंगे।
जिला प्रधान रमेश तंवर ने बताया कि जिन निवेशकों के बड्स एक्ट-2019 के तहत फार्म जमा किए गए थे। उन्होंने कहा कि यह देश के लोकतंत्र और संसद का सबसे बड़ा अपमान है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में देश की संसद ने सर्वसम्मति से अनियमित जमा योजनाएं पाबंदी अधिनियम, 2019 (बड्स एक्ट-2019) पास किया था। इस कानून के तहत ठगी पीड़ित परिवारों को उनके निवेश का दो से तीन गुना भुगतान 180 दिनों के भीतर करने की कानूनी गारंटी दी गई थी।
इस अवसर पर रामजस प्रधान, राजेश बड़ाला, शिव कुमार बंसल, सुखबीर रांगी, पवन कुमार सरसा घोगड़ा, मुकेश मंढाणा, दिनेश वर्मा, खेतपाल, सुरेश चांग वजीर सिंह, दीपक, संजय कुमार मंढाणा, सुनीता हालुवास, औमप्रकाश चहल पहाड़ी सहित अन्य निवेशक उपस्थित रहे।
मांगों को लेकर पीड़ित निवेशक दिल्ली जंतर-मंतर पर पहुंचकर संसद का घेराव करेंगे 31 जुलाई को





