*झज्जर, 18 जुलाई*
राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने के साथ ही विद्यालय भवन के आधारभूत ढांचागत विकास पर सरकार पूरा फोकस कर रही है। ऐसे में ड्राप आउट व आउट आफ स्कूल वाले बच्चों को स्कूल सिस्टम से जोडऩे में शिक्षा विभाग अपनी जिम्मेदारी प्रभावी रूप से निभाएं। यह बात डीसी वर्षा खांगवाल ने कही। वे शनिवार को कैंप कार्यालय से शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समग्र शिक्षा व पीएम पोषण अभियान को लेकर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा प्रदेश भर के डीसी द्वारा ली गई वीडियो कांफ्रेंस उपरांत आवश्यक जानकारी दे रही थी। वीसी के बाद डीसी ने जिला में शिक्षा विभाग की गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की।
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि झज्जर जिला में शैक्षणिक माहौल बेहतर प्रदान किया गया है और शिक्षा विभाग की सजगता व सक्रियता से बोर्ड परीक्षाओं में सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। समग्र शिक्षा एवं पीएम पोषण (मिड-डे मील) अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को डीसी ने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुंचे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और समग्र विकास पर विशेष ध्यान देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अब जो बच्चे किसी कारणवश स्कूल छोड़ चुके अथवा जो अभी तक स्कूल में दाखिल नहीं हो पाए हैं उन्हें नैतिक जिम्मेदारी के साथ स्कूल में दाखिल करवाने के लक्ष्य से कार्य करें। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में कौशल विकास पर आधारित कोर्स भी जिला में चल रहे हैं, ऐसे में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रीत होकर स्कील मजबूत करने में शिक्षक कार्य करें। शिक्षक अभिभावकों से निरंतर जुड़ाव रखते हुए बच्चों की शिक्षा को लेकर चर्चा करें ताकि बच्चे पूरी संजीदगी के साथ शिक्षा ग्रहण कर सकें।
डीसी ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं का विकास, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए समावेशी शिक्षा तथा डिजिटल शिक्षा को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों में चल रहे विकास कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें तथा किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर उसका तत्काल समाधान किया जाए।
पीएम पोषण योजना की समीक्षा करते हुए डीसी ने कहा कि विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक, ताजा एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, रसोईघरों की साफ-सफाई, खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण तथा पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
श्रीमती खांगवाल ने अधिकारियों से विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति, नामांकन, ड्रॉपआउट दर तथा शैक्षणिक गतिविधियों की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। बैठक में अधिकारियों ने समग्र शिक्षा एवं पीएम पोषण योजना की वर्तमान प्रगति, लंबित कार्यों तथा आगामी कार्ययोजना से भी डीसी को अवगत कराया।
इस अवसर पर डीईओ रतेंद्र सिंह व डीपीसी अनिल कुमार सहित अन्य संबंधित शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।





