‘एक पेड़ मां के नाम’ बने जनआंदोलन, हर व्यक्ति लगाए और संभाले एक पौधा: राव नरबीर सिंह

By Sahab Ram
On: July 14, 2026 6:14 PM
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चंडीगढ़, 15 जुलाई -हरियाणा के  वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने  प्रदेश के लोगों से आह्वान किया है कि मानसून के दौरान हर वर्ष मनाए जा रहे वन महोत्सव के दौरान पौधारोपण करें और प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ संकल्प को पूरा करें। देश में जलवायु परिवर्तन आज एक वैश्विक समस्या बन गई है। हर कोई देश अपने – अपने तरीकों से वैज्ञानिक अनुसंधान के कार्यक्रम चलाकर पर्यावरण संतुलन पर जोर दे रहा है और इसी को देखते हुए हरियाणा ने पहली बार 100 करोड़ रुपये के ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंट फंड का किया गया बजट प्रावधान किया है। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 2 करोड़ 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। यह अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत चलाया जा रहा है।इसके अलावा, राज्य में ‘कैंपा’ (CAMPA) योजना के तहत भी 20 लाख और पौधे लगाने की मंजूरी दी गई है।

मंत्री राव नरबीर सिंह ने  कहा  कि पौधा लगाना ही काफी नहीं है बल्कि जब तक पौधा जड़ पकड़कर पेड़ का रूप ना ले तब तक उसकी देखभाल करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश में वन महोत्सव बनाने की शुरुआत वर्ष 1950 में की गई थी और हर वर्ष नए थीम के साथ सभी  राज्य अपने यहां मानसून के दौरान लगभग एक महीने तक कार्यक्रम चलाते हैं। इस वर्ष 77 वें वन महोत्सव के दौरान हरियाणा में भी राज्यस्तरीय व जिला स्तरीय अनेक आयोजन किए जाएंगे। इसी कड़ी में  केंद्र सरकार ने कैच द रेन अभियान चलाया है ताकि लोग बारिश के पानी की एक-एक बूंद बचाकर जल संचय का संकल्प लें। मानसून के जल का अधिकतम संचय हो इस लिए आस-पास के तालाबों और जलाशयों को संवारें और इस्तेमाल के योग्य बनाएं।

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उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस-2026 भी हरियाणा के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण साबित हुआ। एक ओर जहां पूरे प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को लेकर व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं दूसरी ओर शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़कर हरियाणा को हरित और पर्यावरण-अनुकूल राज्य बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण, हरित ऊर्जा और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए दूरदर्शी एवं प्रभावी कदम उठा रही है। सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि भावी पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, बेहतर पर्यावरण और गुणवत्तापूर्ण जीवन उपलब्ध कराना भी है। पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक प्रगति एक-दूसरे के पूरक हैं तथा हरित प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी भविष्य की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी हैं।

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उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 1972 में पर्यावरण संरक्षण के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई थी।  वर्ष 1973 में ‘ओनली वन अर्थ’ थीम के साथ इसका पहला आयोजन हुआ था। इसके बाद जलवायु परिवर्तन, प्लास्टिक प्रदूषण, जैव विविधता संरक्षण, वनों की कटाई, खाद्य सुरक्षा और पारिस्थितिकी तंत्र पुनर्स्थापन जैसे विषयों को केंद्र में रखकर यह दिवस मनाया जाता रहा है। इस वर्ष की थीम ‘प्रकृति से प्रेरित—जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए’ निर्धारित की गई है, जो प्रकृति आधारित समाधानों के माध्यम से जलवायु चुनौतियों का सामना करने का संदेश देती है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित 100 करोड़ रुपये का ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंट फंड हरियाणा में शून्य-उत्सर्जन वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, शहरी हरितीकरण, जलवायु-अनुकूल कृषि तथा प्रकृति-आधारित समाधानों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से वायु एवं जल प्रदूषण की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नवाचार आधारित निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।

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Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

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