झज्जर, 11 जुलाई।
बरसाती मौसम के दौरान कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी अधिकारी नियमित रूप से फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें तथा किसी भी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। यह निर्देश डीसी वर्षा खांगवाल ने दिए। डीसी झज्जर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा देर शाम ली गई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद दिए गए दिशा निर्देशों की अनुपालना के तहत सम्बंधित अधिकारियों की बैठक ले रही थी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने वीसी के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ मानसून सीजन के दौरान जल निकासी, जलभराव की रोकथाम एवं बाढ़ नियंत्रण उपायों की समीक्षा कर रहे थे।
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए निर्देश के तहत जिला झज्जर में मानसून सीजन के दौरान व्यापक प्रबंध समय रहते सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने बताया कि जिला झज्जर में जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभागों द्वारा तैयारियां की गई है।
बरसाती सीजन में आमजन को न हो परेशानी,जल निकासी व्यवस्था रहे सुदृढ़
डीसी वर्षा खांगवाल ने संबंधित अधिकारियों की बैठक में कहा कि बरसाती मौसम के दौरान जल निकासी व्यवस्था हर समय सुचारु रहनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि बरसात होने के तुरंत बाद जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की शीघ्र निकासी सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन के दैनिक जीवन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
उपमंडल स्तर पर एसडीएम करेंगे मॉनिटरिंग, संयुक्त निरीक्षण टीम रहेंगी सक्रिय
डीसी वर्षा खांगवाल ने डीएमसी के अलावा झज्जर, बेरी, बहादुरगढ़ एवं बादली के एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जल निकासी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों की संयुक्त निरीक्षण टीमें गठित कर संवेदनशील एवं संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों में पंप सेट, मोटर एवं अन्य उपकरण रखें तैयार
डीसी ने सिंचाई,जनस्वास्थ्य, विकास एवं पंचायत, शहरी स्थानीय निकाय सहित सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फील्ड स्टाफ संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों में पंप सेट, मोटर, पाइप एवं अन्य आवश्यक उपकरणों को पूरी तरह कार्यशील स्थिति में रखे, ताकि आवश्यकता पड़ते ही बिना विलंब जल निकासी का कार्य प्रारंभ किया जा सके।
जलभराव की प्रत्येक घटना का रखें विस्तृत रिकॉर्ड
डीसी वर्षा खांगवाल ने निर्देश दिए कि संबंधित विभाग बरसात के दौरान जलभराव से संबंधित प्रत्येक घटना का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार करें। रिकॉर्ड में यह स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए कि किन स्थानों पर जलभराव हुआ, पानी की निकासी में कितना समय लगा तथा स्थिति सामान्य होने में कितना समय लगा। उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्ड भविष्य में स्थायी समाधान, बेहतर योजना निर्माण एवं आपदा प्रबंधन की दृष्टि से उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि बाढ़ नियंत्रण उपायों के चलते लघु सचिवालय झज्जर में नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है,जिसका नंबर 01251-254270 है,जोकि 24 घण्टे कार्यरत रहेगा।
जल जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग रखे विशेष सतर्कता
डीसी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि बरसाती मौसम के दौरान जल जनित एवं संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ की तत्परता, स्वच्छ पेयजल तथा जनजागरूकता संबंधी गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि आमजन की स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत स्वच्छ व सुरक्षित माहौल प्रदान किया सके।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच, सीईओ जिला परिषद मनीष कुमार फोगाट, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, एसडीएम बादली विशाल, सीटीएम रितु सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





