पंचायती भूमि पर प्राकृतिक व जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बनाई जाएगी विशेष नीति : मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी

By Sahab Ram
On: June 7, 2026 7:12 PM
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चंडीगढ़ , 7 जून – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंचायत के स्वामित्व वाली भूमियों पर भी प्राकृतिक व जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए अगले वर्ष में एक नीति बनाई जाएगी। कृषि विभाग के स्वामित्व वाली लगभग 800 एकड़ भूमि केवल उन्हीं किसानों को पट्टे पर दी जाएगी, जो कम से कम अगले 10 वर्ष तक उसमें प्राकृतिक व जैविक खेती करेंगे।

मुख्यमंत्री आज कुरुक्षेत्र में  कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा एवं क्लस्टर गठन कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित “कृषि कार्यशाला” में बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे।  इस अवसर पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत , हरियाणा के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बताया कि एपेडा (APEDA) एजेंसी से प्रमाणित प्राकृतिक व जैविक किसानों को 5 वर्षों की अवधि के लिए प्रति वर्ष 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता दी जाएगी। किसानों को जैविक खेती प्रमाणीकरण के लिए हरियाणा राज्य बीज प्रमाणीकरण एजेंसी को एक प्रमाणीकरण संस्था बनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि  पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी व नारनौल में प्राकृतिक व जैविक किसानों को कृषि उपज बेचने के लिए मंडियों में जगह उपलब्ध करवाई जाएगी। साथ ही, परीक्षण हेतु प्रयोगशालाएं तथा प्रमाणीकरण के लिए एपीडा द्वारा मान्यता प्राप्त केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि किसानों को अपनी प्राकृतिक व जैविक कृषि उपज बेचने के लिए बेहतर बाजार मिल सकें।

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श्री नायब सिंह सैनी ने आगे कहा कि हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से कुरूक्षेत्र जिले में 2,000 एकड़ कलस्टर में आधुनिकतम तकनीकों द्वारा स्मार्ट एग्रीकल्चर नाम से एक नई योजना द्वारा प्राकृतिक खेती शुरू की जाएगी। इसमें यदि किसानों को किसी प्रकार का भी नुकसान होगा तो उसकी हर पाई की भरपाई हरियाणा सरकार द्वारा की जाएगी। मोरनी ब्लॉक को एक प्राकृतिक व जैविक ब्लॉक के रूप में विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करने के अलावा दिए जाने वाले प्रोत्साहनों की जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा देश का पहला राज्य है, जिसने बागवानी किसानों को भी मौसम की अनिश्चितताओं के जोखिम से मुक्त किया है। इसके लिए ‘मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना’ में 21 फसलें शामिल की गई हैं।

उन्होंने किसानों को हरियाणा को प्राकृतिक खेती का मॉडल-राज्य बनाने में योगदान देने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार बीज से बाजार तक हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है।  ऐसे में हम सबकी यह भी नैतिक जिम्मेवारी है कि हम अपनी भावी पीढ़ी को उपजाऊ भूमि सौंपें। स्वच्छ जल सौंपें। स्वच्छ पर्यावरण सौंपें। यह तभी संभव होगा, जब हम प्राकृतिक खेती को अपनाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा प्राकृतिक व जैविक खेती अभियान को आगे बढ़ाने में अनुकरणीय कार्य करने की सराहना करते हुए आचार्य द्वारा करवाए गए कार्यों की विस्तार से चर्चा की।

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उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने भी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2022 में प्राकृतिक खेती योजना शुरू की थी। इसके लिए प्राकृतिक खेती पर एक पोर्टल भी शुरू किया है। अब तक इस पोर्टल पर लगभग 2 लाख किसानों ने 3 लाख एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण करवाया है। इसमें से 44 हजार 77 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए 23 हजार 930 किसानों का सत्यापन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश में 20 हजार 727 एकड़ क्षेत्र पर प्राकृतिक खेती की गई।

श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती अपनाने हेतु प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कुरुक्षेत्र के गुरुकुल, जींद के हमेटी, सिरसा के मंगियाना और करनाल के घरौंडा में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए हैं। गुरुकुल, कुरुक्षेत्र के प्रशिक्षण केन्द्र में प्रगतिशील किसानों को प्रशिक्षण देने के लिए राज्य सलाहकार की भी नियुक्ति की गई है। अब तक 12 हजार 188 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनमें युवा किसान, महिलाएं और सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा, हमेटी के प्रशिक्षण केंद्र में राज्य के 6 हजार 234 सरपंचों को एक दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया है।

उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 2025 से देसी गाय पर मिलने वाली सब्सिडी 30,000 रुपये कर दी गई है। यह सब्सिडी उन किसानों के लिए है, जिनके पास कम से कम 1 एकड़ जमीन है। कच्चे माल के भंडारण व प्रसंस्करण के लिए 4 ड्रम खरीदने हेतु प्रत्येक किसान को 3 हजार रुपये दिए जाएंगे। प्राकृतिक खेती योजना के तहत 2 हजार 500 किसानों को 4 ड्रम प्रति किसान की दर से 75 लाख रुपये, 1 हजार 171 देसी गाय की खरीद के लिए कुल 2 करोड़ 97 लाख रुपये अनुदान राशि सीधा किसानों के बैंक खाते में डाली जा चुकी है।

इस अवसर पर कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार के अलावा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं हजारों किसान उपस्थित थे।

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Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

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