विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण

By Sahab Ram
On: June 7, 2026 6:17 PM
Follow Us:

चंडीगढ़, 5 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में किसान, युवा, महिलाएं और आधुनिक तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। हरियाणा को बागवानी, एग्री-बिजनेस, कोल्ड चेन, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि निर्यात के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी मिलकर कृषि को अधिक टिकाऊ, आधुनिक और लाभकारी बनाने, जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प लें।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 2,738 करोड़ रुपये की लागत से जाईका वित्तपोषित सतत बागवानी संवर्धन परियोजना का शुभारंभ तथा हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर का शिलान्यास के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ये दोनों परियोजनाएं न केवल किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, बल्कि हरियाणा की कृषि व्यवस्था को आधुनिक, टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के साथ इस दौरान प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद थे। दोनों ने इससे पहले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया, साथ ही बागवानी विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जीआईसीए के मुख्य प्रतिनिधि श्री टाकेची टकूरो, फर्स्ट सेकेरट्री फूड एंड एग्रीकल्चर श्री टाकेहिको हयासे तथा ब्रिटिश डिप्टी हाईकमीश्नर ऐलबा स्मीरिग्लयो मौजूद थे। तीनों ने अपने संबोधन में हरियाणा सरकार द्वारा किसान हित में उठाये गये कदमों की तारीफ की।

उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का दिन केवल दो परियोजनाओं के शुभारंभ का नहीं, बल्कि हरियाणा के कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक नई दिशा तय करने का दिन है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हरियाणा एक बार फिर देश को नई राह दिखाएगा और हरित क्रांति की तरह बागवानी एवं एग्री-बिजनेस क्रांति का नेतृत्व भी करेगा।

उन्होंने कहा कि हरियाणा ने देश को हरित क्रांति दी थी, लेकिन बदलती जलवायु, गिरते भूजल स्तर, बढ़ती कृषि लागत और छोटी जोत जैसी चुनौतियों को देखते हुए अब कृषि क्षेत्र में नए विकल्प अपनाने की आवश्यकता है। बागवानी, फल, सब्जियां, मसाले, औषधीय पौधे, फूल, मशरूम और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों में किसानों के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में जलभराव एवं सेम की समस्या के समाधान के लिए बायोड्रेनेज तकनीक का उपयोग करते हुए इस वर्ष 1,000 हेक्टेयर जलभराव प्रभावित भूमि पर पौधारोपण किया जाएगा, जिससे भूमि पुनः कृषि योग्य बन सकेगी। इसके साथ ही भूमिगत जल संरक्षण के लिए शिवालिक एवं अरावली क्षेत्रों में 25 नए जल भंडारण बांध बनाए जाएंगे तथा 25 पुराने बांधों का जीर्णोद्धार किया जाएगा।

The ADC imposed a fine of ₹44,998 in two cases of food adulteration.
एडीसी ने खाद्य पदार्थों में मिलावट के दो मामलों में लगाया 44 हजार 998 रुपये जुर्माना

हरियाणा में 402 पैक हाउस, 4 लीड पैक हाउस बनेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में फलों और सब्जियों का 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा खेत से बाजार तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जाता है। इस चुनौती का समाधान सतत बागवानी संवर्धन परियोजना के माध्यम से किया जाएगा। परियोजना के तहत 400 बागवानी क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, 500 उत्पादक समूहों को संगठित एवं सशक्त बनाया जाएगा, 402 पैक हाउस, 4 लीड पैक हाउस, 3 फुलफिलमेंट सेंटर तथा 44 रिटेल आउटलेट स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 1,000 वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा तथा 65,000 एकड़ क्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के अंतर्गत लाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना खेत से बाजार तक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेगी तथा आधुनिक कोल्ड चेन नेटवर्क किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में सहायक होगा। परियोजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वास्तविक समय निगरानी प्रणाली, मिट्टी एवं जल विश्लेषण, डिजिटल कृषि सलाह, इंटरनेट ऑफ प्लांट्स, भू-स्थानिक तकनीक, ई-मार्केटिंग और आधुनिक पैकेजिंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल तथा जापान के कोची विश्वविद्यालय के बीच ज्ञान एवं अनुसंधान के आदान-प्रदान से किसानों को विश्वस्तरीय तकनीकी सहायता उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि कृषि अब केवल खेती तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक बड़ा व्यवसाय बन चुकी है, जिसमें ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, स्मार्ट सेंसर, डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स जैसी तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

नौकरी देने वाले बने युवां

उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे नौकरी मांगने के बजाय एग्री-बिजनेस, कृषि प्रसंस्करण, खाद्य उद्योग और निर्यात आधारित उद्यमों के माध्यम से रोजगार सृजनकर्ता बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बागवानी, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भर हरियाणा के निर्माण में महत्वपूर्ण होगी।

* मतदाता सूची का प्रारम्भिक प्रकाशन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण: डीसी

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर किसानों, एफपीओ, उद्यमियों, स्टार्टअप्स और कृषि विशेषज्ञों के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे 3 लाख से अधिक किसानों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में 75 प्रतिशत से अधिक सुधार होगा तथा कटाई के बाद होने वाले नुकसान में 10 से 15 प्रतिशत तक कमी आएगी। जीएपी, जीएमपी, जीएचपी तथा एचएसीसीपी जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाकर कृषि निर्यात को भी नई गति मिलेगी।

जापान और भारत के संबंधों का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने भारत-जापान संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध सदियों पुराने हैं। हरियाणा में वर्तमान में 394 जापानी उद्योग एवं 600 से अधिक जापानी व्यावसायिक प्रतिष्ठान कार्यरत हैं, जो दोनों देशों की मजबूत मित्रता का प्रमाण हैं। उन्होंने जापान सरकार और जीआईसीए का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

पर्यावरण दिवस को लेकर दिया विशेष संदेश

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार विशेष काम कर रही है। मोरनी में गत दिनों प्राकृतिक खेती के लिए भी किसानों और एक कंपनी के बीच एमओयू हुआ है। उन्होंने कि जिस कंपनी के साथ एमओयू हुआ है, उन्होंने 4 हजार एकड़ कृषि भूमि पर अदरक, मिर्च इत्यादि की खेती करवाने की बात कहीं है, ताकि किसानों की आमदन बढ़ सके। उन्होंने मिडल ईस्ट के देशों में बनी स्थिति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के किए आहृवान का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है, ताकि ईंधन की बचत हो सके। बकायदा इसके लिए इलेक्ट्रिक बसे खरीदी गई है। स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2026 में 780 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी।

उन्होंने राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए 1,349 औद्योगिक इकाइयों में से 1,308 इकाइयों में ओसीईएमएस स्थापित किए जा चुके हैं। प्रदेश में वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए 23 नए सीएएक्यूएमएस भी स्थापित किए जा रहे हैं। यमुना नदी के संरक्षण के लिए 133 एमएलडी क्षमता के 6 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माणाधीन हैं, जबकि 7 एसटीपी के उन्नयन और 11 नए एसटीपी के निर्माण की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 147.5 एमएलडी क्षमता के 8 नए कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने सभी नागरिकों से कम से कम एक पौधा लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धरती मां के प्रति सम्मान और पर्यावरण संरक्षण की भावना को जन-आंदोलन का रूप देना समय की आवश्यकता है।

जमीनी धोखाधड़ी के मामलों में ऊर्जा मंत्री अनिल विज सख्त, डीएसपी को केस दर्ज कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने के हो रहे प्रयास: मंत्री श्याम सिंह राणा

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से पूरे देश में पर्यावरण संरक्षण के प्रति नया उत्साह पैदा हुआ है। गांवों, स्कूलों और विभिन्न संस्थाओं में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री श्री राणा ने कहा कि भारत के पास बागवानी और कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद विभिन्न सरकारों ने शासन किया, लेकिन किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप आज देश कृषि उत्पादन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब देश को खाद्यान्न की आवश्यकता पूरी करने के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन किसानों की मेहनत और कृषि क्षेत्र में हुए सुधारों के कारण आज भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश में किसानों को विभिन्न फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा भावांतर भरपाई जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है जहां किसानों की समस्याओं और जरूरतों को समझते हुए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

कृषि मंत्री ने कहा कि फल एवं सब्जियां जल्दी खराब होने वाली उपज हैं, इसलिए उनके सुरक्षित भंडारण और विपणन के लिए आधुनिक कोल्ड चेन अवसंरचना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर की स्थापना की जा रही है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा तथा फसलोत्तर नुकसान में कमी आएगी। कृषि के साथ-साथ बागवानी, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने के महत्वपूर्ण साधन हैं। सरकार इन क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित कर रही है।

इस दौरान गृह सचिव श्री सुधीर राजपाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री विनय प्रताप सिंह, बागवानी विभाग के विभागाध्यक्ष श्री अर्जुन सैनी, मेयर श्री श्याम लाल बंसल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता, सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

The ADC imposed a fine of ₹44,998 in two cases of food adulteration.

एडीसी ने खाद्य पदार्थों में मिलावट के दो मामलों में लगाया 44 हजार 998 रुपये जुर्माना

* मतदाता सूची का प्रारम्भिक प्रकाशन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण: डीसी

जमीनी धोखाधड़ी के मामलों में ऊर्जा मंत्री अनिल विज सख्त, डीएसपी को केस दर्ज कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए

 9.75 करोड़ रुपए की लागत से मजबूत होगी अम्बाला छावनी की 10 सड़कें, विकास को मिलेगी गति : ऊर्जा मंत्री अनिल विज

युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए कठोर कानून बना रही है मोदी सरकार : डॉ. अरविंद शर्मा

ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित, पात्र मतदाता 30 अगस्त तक कर सकेंगे दावा एवं आपत्ति प्रस्तुत : उपायुक्त आयुष सिन्हा                                  

Leave a Comment