हरियाणा के राज्यपाल ने युवाओं से रोजगार सृजक बनकर ‘विकसित भारत’ के निर्माण में योगदान देने का  किया आह्वान

By Sahab Ram
On: June 4, 2026 9:09 PM
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चंडीगढ़, 4 जून – हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा  कि वे नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजक बनने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि युवा उद्यमिता, नवाचार और आत्मनिर्भरता को अपनाकर अपने विचारों को सफल उद्यमों में परिवर्तित करें तथा दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

राज्यपाल आज यहां लोक भवन में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के अंतर्गत आयोजित ‘युवा संगम कार्यक्रम’ के तहत हरियाणा दौरे पर आए त्रिपुरा के छात्र प्रतिनिधिमंडल को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष भी उपस्थित थीं।

युवाओं की राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ अग्रसर है। इस राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में केवल सरकारों और संस्थाओं की ही नहीं, बल्कि देश के युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और प्रतिबद्धता की भी अहम भूमिका है।

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उन्होंने छात्रों से अपनी क्षमता का पूर्ण उपयोग करते हुए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप और नवाचार आधारित उद्यम स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं में अपार प्रतिभा और अटूट संकल्प है। यदि वे अपनी ऊर्जा को उद्यमिता और नवाचार की दिशा में लगाएं तो वे देश की प्रगति और आर्थिक विकास के प्रमुख वाहक बन सकते हैं।

‘युवा संगम कार्यक्रम’ को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह कार्यक्रम देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को निकट से जानने और समझने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि जब त्रिपुरा का एक युवा छात्र हरियाणा के एक युवा छात्र से मिलता है, तो यह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं होता, बल्कि दो संस्कृतियों, परंपराओं और आकांक्षाओं का संगम होता है। यही ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की वास्तविक भावना है।

हरियाणा और त्रिपुरा के बीच सांस्कृतिक एवं भावनात्मक संबंधों का उल्लेख करते हुए प्रो. घोष ने कहा कि भौगोलिक दूरी के बावजूद दोनों राज्य साहस, दृढ़ता और देशभक्ति की साझा विरासत से जुड़े हुए हैं। उन्होंने त्रिपुरा को प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और आतिथ्य-सत्कार के लिए प्रसिद्ध बताया, जबकि हरियाणा को वीर सैनिकों, उत्कृष्ट खिलाड़ियों, मेहनती किसानों तथा श्रीमद्भगवद्गीता की पावन भूमि के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य मिलकर भारत की विविधता में एकता की भावना को सशक्त रूप से प्रदर्शित करते हैं।

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राज्यपाल ने छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद भी किया तथा त्रिपुरा यात्रा के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि त्रिपुरा के युवा राज्य के प्राकृतिक एवं मानवीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर उसके विकास को नई गति देंगे और देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान निभाएंगे।

इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री विजय कुमार भाविकट्टी, एडीसी स्क्वाड्रन लीडर पी. भरत, एनआईटी कुरुक्षेत्र के निदेशक प्रो. ब्रह्मजीत सिंह, संकाय सदस्य, छात्र समन्वयक तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

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