रोहतक, 3 मई। विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हरियाणा यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स की ओर से रोहतक में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हरियाणा के पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला भर के पत्रकारों ने भाग लेते हुए प्रेस की स्वतंत्रता, उसकी भूमिका और वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम में यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन कथूरिया, कोषाध्यक्ष लोकेश जैन, जिलाध्यक्ष मनोज वर्मा, वरिष्ठ पत्रकार देवेंद्र दांगी, धीरेन्द्र चौधरी, रविंद्र सैनी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे। इसके अलावा जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी (डीआईपीआरओ) संजीव सैनी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और मीडिया की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
मुख्य अतिथि मनीष ग्रोवर ने अपने संबोधन में कहा कि प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसकी स्वतंत्रता को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब तक पत्रकारिता स्वतंत्र और निष्पक्ष रहेगी, तब तक लोकतंत्र मजबूत बना रहेगा और आम जनता की आवाज प्रभावी रूप से शासन-प्रशासन तक पहुंचती रहेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ-साथ फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं का खतरा भी बढ़ा है। ऐसे में पत्रकारों को अधिक सतर्क रहते हुए तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने चाहिए। ग्रोवर ने कहा कि मेडिकल संबंधी जो घोषणा सीएम नायब सैनी द्वारा की गई थी, उसे जल्द पूरी करवाएंगे। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों और मुख्य अतिथि के बीच संवाद भी हुआ। बता दें कि विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस हर वर्ष 3 मई को मनाया जाता है।
मीडिया का निष्पक्ष होना जरूरी :-
कार्यक्रम में मनीष ग्रोवर ने कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष मीडिया का होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल खबरें देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य भी करती है। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे बिना किसी दबाव या प्रलोभन के सच्चाई को सामने लाने का कार्य करें और फेक न्यूज के दौर में तथ्यों की पुष्टि को प्राथमिकता दें।
संविधान ने दी प्रेस को अभिव्यक्ति की ताकत : मनमोहन कथूरिया
इस मौके पर हरियाणा यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन कथूरिया ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है, और इसी अधिकार के तहत प्रेस को भी अपनी बात रखने की ताकत मिलती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का मूल आधार संविधान में निहित है, जो न केवल अधिकार देता है बल्कि जिम्मेदारी भी तय करता है। कथूरिया ने कहा कि आज के दौर में जब सूचनाओं की बाढ़ है, तब पत्रकारों का दायित्व और बढ़ जाता है कि वे संविधान की भावना के अनुरूप निष्पक्ष, सत्य और जनहित में कार्य करें।





