Haryana: हरियाणा में 590 करोड़ का बड़ा बैंक घोटाला, दो निजी बैंक ब्लैकलिस्ट

By Sahab Ram
On: February 23, 2026 1:42 PM
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Haryana News: हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के खातों से करीब 590 करोड़ रुपए की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जांच में बैंक अधिकारियों और कुछ सरकारी कर्मचारियों की कथित मिलीभगत उजागर हुई है।

सरकार ने तुरंत सख्त कदम उठाते हुए IDFC First Bank और AU Small Finance Bank में संचालित सभी सरकारी खातों को बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही दोनों बैंकों को ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया गया है।

अकाउंट बंद करने की प्रक्रिया में खुली गड़बड़ी

मामले का खुलासा तब हुआ जब एक सरकारी विभाग ने अपना खाता बंद कर राशि दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। इस दौरान खाते में दर्ज बैलेंस और विभागीय रिकॉर्ड में बड़ा अंतर पाया गया।

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जांच में करीब 590 करोड़ रुपए का अंतर सामने आया। आरोप है कि बैंक की चंडीगढ़ शाखा के कुछ अधिकारियों ने रिकॉर्ड में हेराफेरी कर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। बैंक प्रबंधन ने 4 अधिकारियों को निलंबित कर पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

फॉरेंसिक ऑडिट और कानूनी कार्रवाई शुरू

बैंक ने पूरे मामले की गहन जांच के लिए बाहरी स्वतंत्र एजेंसी से फॉरेंसिक ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। बोर्ड स्तर पर विशेष कमेटी गठित कर रिपोर्ट तलब की गई है।

धोखाधड़ी में शामिल पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ दीवानी और आपराधिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जिन खातों में राशि ट्रांसफर होने का संदेह है, वहां रिकॉल रिक्वेस्ट भेजकर खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

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अब सिर्फ राष्ट्रीयकृत बैंकों में खुलेंगे सरकारी खाते

घोटाले के बाद हरियाणा के वित्त विभाग ने सभी विभागों, बोर्ड-निगमों और स्वायत्त निकायों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में केवल राष्ट्रीयकृत बैंकों में ही सरकारी खाते खोले जाएंगे।

यदि किसी निजी बैंक में खाता खोलना आवश्यक हुआ तो वित्त विभाग की पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, उपायुक्तों, मंडलायुक्तों, विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों और सरकारी कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को आदेश जारी कर दिए गए हैं।

31 मार्च तक खातों का मिलान जरूरी

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वित्त विभाग ने सभी विभागों को 31 मार्च तक अपने बैंक खातों और सावधि जमाओं का मिलान करने के निर्देश दिए हैं। 4 अप्रैल तक अनुपालन रिपोर्ट सौंपना अनिवार्य किया गया है।

साथ ही यह भी सामने आया है कि कुछ मामलों में स्पष्ट निर्देशों के बावजूद धनराशि को उच्च ब्याज वाली सावधि जमा में स्थानांतरित करने के बजाय बचत खातों में रोका गया, जिससे सरकार को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।

Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

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