Rewari: धारूहेड़ा (Rewari) की रहने वाली पैरा खिलाड़ी ने एक बार अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया है। पेरिस में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में धारूहेड़ा (Rewari) की पूजा यादव ने 14.70 मीटर दूर भाला (जेवलिन थ्रो) फेंककर कांस्य पदक जीता है।
एफ 54 कैटेगरी में उज्बेकिस्तान की खिलाड़ी 20.15 मीटर की दूरी के साथ प्रथम, इरान की खिलाड़ी 17.08 मीटर दूरी के साथ द्वितीय तथा भारत की ने पूजा 14.70 मीटर दूर जेवलिन थ्रो फेंककर अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतकर देश, प्रदेश और जिले व कस्बा का नाम रोशन किया। पूजा यादव ने डिस्कस और शाटपुट थ्रो में भी भाग लिया। शाटपुट में छठे स्थान पर रहीं।
चार वर्ष बाद लिया विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में भाग
चार वर्ष बाद विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेकर पूजा ने अपनी सफलता का परचम लहराया। पदक जीतने का समाचार मिलते ही पूजा के स्वजन, प्रशिक्षक और अन्य खिलाड़ियों ने खुशी प्रकट करते हुए बड़ी उपलब्धि बताया। उनके प्रशिक्षक सतबीर सिंह ने पूजा को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की पेरिस में आयोजित विश्व पैरा चैम्पियन में इस उपलब्धि पर
वर्ष 2019 में भी जीत चुकी हैं कांस्य पदक
पूजा ने इससे पहले वर्ष 2019 में दुबई में आयोजित ग्रांड प्रिक्स मे डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद किसी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में हिस्सा नहीं लिया था। अब पूजा ने चार वर्ष बाद हिस्सा लिया तो पदक जीतकर ही लौटी हैं। अपने सात वर्ष के खेल करियर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेर दिया है।
रीढ़ की हड्डी में चोट से हुई दिव्यांग
पूजा यादव ने पैरा खेलों में भाग लेना वर्ष 2017 से आरंभ किया था। वह बचपन में कुएं में गिर गई थी। इससे रीढ़ की हड्डी में चोट आने पर वह कई वर्षों तक बिस्तर से नहीं उठ पाईं। पूजा को दिव्यांगता को मात देने में उनके प्रशिक्षक ने अहम भूमिका निभाई। पूजा को गुरुग्राम की एम श्रीएम फाउंडेशन की टीम छात्रवृत्ति में भाग लेने तक में सहयोग कर रही है। पूजा यादव के पिता कालिया यादव और मां स्व.सुनीता देवी का नाम रोशन करते हुए वह खेल में करियर संवार रही हैं।











