जांचकर्ता ने बताया कि 17 मार्च को अलवर के गांव डाबडवास निवासी रविंद्र कुमार ने अपनी शिकायत में बतलाया था कि 15 अप्रैल 2022 को रात्रि समय करीब 10/11 बजे मेरे फोन पर फोन आया। जिसने मेरे से एक पुलिसकर्मी द्वारा मेरे पिता से बात कराई। मेरे पिता ने मेरे को बताया कि अनिल व एक व्यक्ति और जिसने मेरे को जहर पिला दिया है, तुम जल्दी से आ जाओ। जिस पर मैं अलवर से ट्रैन द्वारा रेवाडी आया और रेवाडी से कुंड आया तो पता लगा कि उसके पिता नंदराम को रोहतक PGI में रेफर कर दिया है। जब वह रोहतक PGI गया वहां जाकर देखा कि मेरे पिता की मृत्यु हो चुकी है और शव पोस्टमार्टम के लिए रखा हुआ है।
शिकायत में रविंद्र ने आरोप लगाया था कि मेरे पिता को अनिल निवासी तलवाना जो मेरा बहनोई है तथा उसके साथ एक अन्य व्यक्ति देशराज निवासी कायसा ने जहर देकर गिरा दिया। जिस कारण मेरे पिता की मृत्यु हो गई। अनिल ने मेरे पिता से धोखे से जमीन की रजिस्ट्री मेरी बहन के नाम करवा ली थी। जब मेरे पिता को इस धोखाधडी की जानकारी हुई तो मेरे पिता ने मेरे बहनोई अनिल से जमीन वापिस रजिस्ट्री कराने को कहा था। अनिल ने कहा कि एक दिन आपकी जमीन वापिस रजिस्ट्री करवा दुंगा और अब दिनांक 15 अप्रैल 2022 को षडयन्त्र रचकर मेरे पिता को हमारे गांव से यह कहकर ले गये कि तुम्हारी जमीन कि रजिस्ट्री तुम्हारे नाम करा देंगे। अनिल व देशराज ने उसके पिता को जहर देकर मार दिया।
खोल थाना पुलिस रविंद्र की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार की शाम दोनों आरोपी अनिल व देशराज को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को आज अदालत में पेश करके दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।




