
सरकारी राशन को डकारने के मामले अक्सर सामने आते है. ताजा मामला रेवाड़ी के नांगल तेजू से सामने आया है. जहाँ ग्रामीणों ने स्कूल टीचर को मिड- डे मील योजना के तहत आई गेंहू की बोरियों को गाड़ी में रखकर ले जाते समय रंगे हाथों काबू किया है. ग्रामीणों ने कहा कि जब उन्होंने टीचर को रंगे हाथों पकड लिया तो टीचर ने गलती भी मानी थी. उन्होंने आरोपी टीचर को पुलिस के हवाले कर दिया है. वहीँ पुलिस ने इस मामले में धारा 409 के तहत केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है.
रेवाड़ी जिले के बावल हलके के गाँव नांगल तेजू में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय है. ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल के माध्यमिक विद्यालय के हैड टीचर स्कूल की छुट्टी के बाद अपनी गाड़ी में गेंहूँ की दो बोरियां रखकर ले जा रहे थे. गाँव में मंदिर के पास सफाई कर रहे ग्रामीणों ने मास्टर जी की इस करतूत का आभास हुआ तो गाड़ी को रुकवाया गया तो उसमें दो गेंहू की बोरियां रखी हुई थी. जिसका जवाब ग्रामीणों ने माँगा तो मास्टर जी कोई जवाब नहीं दे पायें और गलती मांगने लगे.
मास्टर जी की गाड़ी में एक दूसरें टीचर भी थे जिन्होंने कहा कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है. ग्रामीणों ने आरोपी टीचर को घूब खरीखोटी सुनाई और फिर पुलिस को शिकायत कर दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने गेंहू की बोरियों को अपने कब्जे में ले लिया है और टीचर को भी पुलिस थाने ले गई है.

इस मामले में बावल डीएसपी राजेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस गाँव में कई थी. जहाँ पर शिकायत की जाँच की गई तो पाया गया कि स्कूल में मिड डे मील का राशन रिकॉर्ड में पूरा नहीं पाया गया. पुलिस ने इस मामले में धारा 409 के तहत केस दर्ज कर लिया है और मास्टर जी से पूछताछ की जा रही है.
अक्सर ऐसे मामले सामने आते है कि जो सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने वाले लोग होते है वहीँ जरुरतमंदों के हकों पर डाका डाल लेते है. लेकिन जब स्कूल में जिंदगी की राह पर आगे बढ़ने का रास्ता दिखाने वाले टीचर ही बच्चों के हकों पर डाका डालेंगे तो बच्चे बड़े होकर क्या बनेगे ये आप समझ सकते है.





