हीमोफीलिया (रक्तस्राव) के रोगियों की सरकार ये मांग घर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर मिले थैरेपी

By Sahab Ram
On: May 23, 2021 2:33 PM
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हीमोफीलिया (रक्तस्राव) के रोगियों की सरकार ये मांग घर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर मिले थैरेपी

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करोना के गम्भीर संकट के चलते हीमोफीलिया(रक्तस्राव) के रोगियों को अपने उपचार करवाने में बहुत अधिक समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है,हीमोफीलिया एक गम्भीर रक्तस्राव की बीमारी है जिसमे रोगी के शरीर मे किसी कारण या अकारण भी रक्तस्राव होना शुरू हो जाता है, यदि 2 घण्टे के अंदर इस रोगी को फ़ेक्टर-इंजेक्शन न मिले तो पेट,मस्तिक, गले आदि के रक्तस्राव में रोगी की जान भी जा सकती है,
रिवाड़ी जिले के हीमोफिलिया के रोगी धर्मेंद्र ने जो बताया कि रिवाड़ी जिले में लगभग 40 व्यक्ति/बच्चे इस लाइलाज बीमारी हीमोफिलिया से पीड़ित है,जिसके उपचार के लिए इन्हें अपने जिले के सिविल अस्पताल मे जाकर आपातकालीन विभाग में अपना फैक्टर-इंजेक्शन लगवाने पड़ते है, वो भी सप्ताह में लगभग एक से दो बार जाना पड़ता है रक्तस्राव की गम्भीरता देखते हुये,फिलहाल समस्या यह आ रही है कि हमेशा से ही आपातकालीन विभाग में ही हीमोफीलिया के रोगियों को जीवन रक्षक टीका यानी फैक्टर-इंजेक्शन दिया जाता रहा है जिसका लाभ यह रहा कि 24 धंटे उपचार उपलब्ध रहता था,लेकिन वर्तमान में स्तिथि बिल्कुल भयानक है,अब यहां पर करोना के मरीजो को भी ऑक्सीजन आदि उपचार दिया जा रहा है,
जिसके कारण वहां करोना संक्रमण होने का खतरा बहुत अधिक बन गया है,आज राज्य में प्रत्येक हीमोफिलिया-रोगी अपने ईलाज को लेकर भय से ग्रस्त है,जबकि ये रोगी पूर्व से ही अपनी रक्तस्राव की बीमारी के चलते बेहद परेशान रहते है,इसके मरीज यह फैक्टर इंजेक्शन के लिए पूर्णता जिले के अस्पताल पर आश्रित है,क्योंकि यह फ़ेक्टर अपनी ज्यादा कीमत के चलते बाजार से प्राप्त करना बहुत ज्यादा कठिन हैं,इस फ़ेक्टर-8,9,की एक डोज़ की कीमत 10 से 20 हजार आती है ऊपर से ये फ़ेक्टर सिर्फ 8 से 10 घण्टे ही असर करते है,यदि रक्तस्राव इनसे नही रुकता तो यह क्रम बार बार दोहराना पड़ता है और यदि किसी को एन्टी-इंहिबिटर या फ़ेक्टर 7 की आवश्यकता पड़ जाये तो उस टीके की एक डोज़ की कीमत 70 हजार से 1 लाख तक पहुँच जाती है और जिसका असर मात्र 3 से 6 घण्टे तक ही रहता है,ऐसी गम्भीर बीमारी और परिस्थिति में ये बच्चे औऱ उनके परिवार वाले जाये तो जाएं कहाँ,
ऐसे विपरीत समय मे कुछ पडोसी राज्य है जिसने अपने हीमोफिलिया रोगियों को होम-थैरेपी देनी आरम्भ कर दी है,इसमे हीमोफीलिया के रोगी को फ़ेक्टर-इंजेक्शन उनकी डोज़ के हिसाब से घर पर उपचार के लिये दे दिये जाते है,राजस्थान,उत्तर प्रदेश,पंजाब स्वास्थ्य मंत्रालय इस पर काम भी कर रहा है,जिसको लेकर वहां के हीमोफिलिया रोगीओ में बड़ी प्रसन्नता है,
उनकी  मुख्यमंत्री  मनोहर लाल और स्वास्थ्य मंत्री  अनिल विज  हरियाणा सरकार से अपील है कि हरियाणा प्रान्त में भी हीमोफिलिया के रोगियों को इस संकट की घड़ी में आप फैक्टर-होम-थैरेपी या नजदीक के PHC/CHC सेंटर में यह सुविधा देने की कृपा करे,आपका यह कदम हमारे लिए इस संकट की घड़ी में एक बहुत बड़ी राहत लेकर आयेगा।

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Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

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