Rewari: बता दें कि काफी लोगों के लिए फैमली आईडी सिरदर्द बनी हुई है। शासन – प्रशासन की तरफ से बार-बार बयान जारी करके कहा जाता है कि फैमली आइडी (Family Id) की खामियों को दुरुस्त किया जा रहा है। काफी लोगों की फैमली आईडी (Family Id) भी हुई है। लेकिन काफी लोग अभी भी परेशान है और सरकार कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर है।
अकेले होने के कारण नही बनी फैमली आईडी
रेवाड़ी जिले (Rewari) के नयागाँव के रहने वाले 71 वर्षीय सतबीर भी उन लोगों में से है। जिनकी फैमली आईडी (Family Id) आजतक नहीं बनी है। बुजुर्ग सतबीर ने कहा कि उसके बेटे दिल्ली रहते है। पत्नी की छह वर्ष पहले मौत हो चुकी है। गाँव में जर्जर मकान में वो अकेला रहता है। परिवार में भी वो अकेला है। अकेले होने के कारण उसका परिवार पहचान पत्र (फैमली आईडी) नहीं बनाई जा रही है।

बुजुर्ग की अब तक नही बन पाई है पेंशन
इस शिकायत को लेकर बुजुर्ग सतबीर आज जिला सचिवालय (Rewari) पहुँचे। जहां डीसी मोहम्म्द इमरान रजा से मुलाक़ात करके समस्या के समाधान की मांग की गई। बुजुर्ग सतबीर ने कहा कि आजतक उसकी बुढ़ापा पेंशन भी नहीं बन पाई है। जिसके कारण उसे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि होना तो ये चाहिए कि सरकार को जरूरतमंदों को उनके द्वार पर लाभ पहुंचाना चाहिए।
डीसी ने बुजुर्ग को दिया आश्वासन
बुजुर्ग की मदद कर रहे एडवोकेट कैलाश चंद ने कहा कि शिकायत सबन्धित उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई है। अगर सुनवाई नहीं होती है तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। वहीं डीसी ने बुजुर्ग को आश्वासन दिया है कि समस्या का समाधान कराया जाएगा। प्रत्येक नागरिक का सरकार की योजनाओं का लाभ लेने का अधिकार है। इस मामले में डीसी ने कैमरे पर कोई जवाब नहीं दिया।









