हिसार, 22 अप्रैल।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ जी अनुपमा ने बुधवार को हरियाणा दिव्यांगजन कल्याण सोसायटी के तहत संचालित संस्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने संस्थानों की कार्यप्रणाली, आधारभूत ढांचे और दिव्यांगजनों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है और इसके लिए कल्याण विभाग सहित संबंधित संस्थानों को समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना सुनिश्चित करें। दिव्यांग बच्चों को सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि बच्चों की व्यक्तिगत क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए उनमें कौशल विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से मजबूती से जुड़ सकें। अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ जी अनुपमा जिले में रेडक्रॉस इंस्टीट्यूट फॉर द विजुअली हैंडीकैप्ड, अर्ली इंटरवेंशन प्रोग्राम और आंचल मानसिक विकास केंद्र का दौरा कर शिक्षा, उपचार और पुनर्वास सेवाओं की गुणवत्ता का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं की स्थिति, बैठने की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं का विस्तार से जायजा लिया।
उन्होंने रेडक्रॉस स्कूल में लेबोरेटरी की स्थापना, डे केयर सुविधा, ग्रुप होम, एआई से जुड़े करियर ओरिएंटेड कोर्स शुरू करने तथा विद्यार्थियों के लिए अच्छा पार्क विकसित करने के लिए निर्देश दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि हमें मिलकर यह सोचना होगा कि रेड क्रॉस स्कूल व प्रशिक्षण केंद्रों से निकलने के बाद दिव्यांगजन भविष्य में क्या करेंगे।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए और लाइब्रेरी में बच्चों के लिए उपयोगी सामग्री को और बेहतर बनाया जाए। साथ ही उन्होंने वर्तमान और पूर्व विद्यार्थियों का डेटा व्यवस्थित रूप से संकलित करने पर जोर दिया, ताकि उनकी प्रगति का आकलन कर भविष्य की योजनाएं प्रभावी ढंग से बनाई जा सकें। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने स्टाफ की उपलब्धता, उनकी योग्यता, विषयवार जिम्मेदारियों और टाइम-टेबल की भी जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने हॉस्टल सुविधाओं और भोजन व्यवस्था का भी बारीकी से निरीक्षण करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कक्षाओं में जाकर बच्चों से बातचीत की और उनका उत्साहवर्धन किया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. अनुपमा ने कहा कि इन संस्थानों को प्रदेश में मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए एक व्यापक और दीर्घकालिक कार्य योजना तैयार की जाए। उन्होंने अभिभावकों की नियमित काउंसलिंग, नामांकन बढ़ाने और बच्चों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि विद्यालयों में संसाधनों की कमी नहीं आने दी जाएगी और जरूरत के अनुसार स्टाफ की भर्ती भी शीघ्र पूरी की जाएगी। इसके साथ ही कंप्यूटर सीखने में सक्षम बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव एसीएस ने कहा कि इन संस्थानों से पढक़र आगे बढ़े सफल विद्यार्थियों की सक्सेस की कहानियां तैयार कर अन्य बच्चों के साथ साझा की जाएं, ताकि वे भी आगे बढऩे के लिए प्रेरित हो सकें। उन्होंने रेड क्रॉस परिसर के मुख्य द्वार का सौंदर्यीकरण करते हुए कहा कि यहां पर सूचनात्मक सामग्री प्रदर्शित की जानी चाहिए। इस अवसर पर उपायुक्त महेंद्र पाल, अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद, एसडीएम ज्योति मित्तल तथा रेड क्रॉस सचिव रविंद्र लोहान सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।








