हिसार, 21 अप्रैल।
जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत कक्षा तत्परता कार्यक्रम प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले में एक आमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह जानकारी देते हुए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राम रतन ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड विजि़ट के दौरान कार्यक्रम की गुणवत्ता का आकलन करें तथा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें। जिला स्तर पर आयोजित इस प्रशिक्षण के पश्चात ब्लॉक नोडल अपने-अपने खंडों में मेंटर, क्लस्टर मुखिया एवं प्राथमिक अध्यापकों को कक्षा तत्परता कार्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। उन्होंने बताया कि निपुण हरियाणा मिशन के अंतर्गत शुरू किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक शिक्षा पद्धति को बदलकर बच्चों को खेल-खेल और गतिविधि आधारित तरीके से सीखने के लिए प्रेरित करना है। इस कार्यक्रम के तहत बालवाटिका 3 से कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों के लिए कक्षावार गतिविधियां निर्धारित की गई हैं, जिससे उनकी बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत किया जा सके। शिक्षा विभाग के तहत इस पहल से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ेगी और वे सरल एवं रोचक तरीकों से विषयों को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 1 से 5 तक के लिए अलग-अलग गतिविधि आधारित शिक्षण मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। कक्षा 1 में बुनियादी गतिविधियों, कक्षा 2 में भाषा विकास, कक्षा 3 में गणितीय कौशल, कक्षा 4 में व्याकरण एवं गणित के विस्तार तथा कक्षा 5 में उन्नत स्तर की सीखने की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शिक्षकों को निर्देश दिए गए है कि वे कक्षा में खेल, समूह गतिविधियां, शैक्षणिक भ्रमण एवं दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों को शामिल करें, जिससे पढ़ाई को तनावमुक्त और आनंददायक बनाया जा सके। कार्यक्रम के तहत प्रत्येक दो सप्ताह में विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि उनकी सीखने की प्रगति का नियमित आकलन कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जा सकें।
इस अवसर पर डायट प्राचार्य नरेंद्र शर्मा, जिला एफएलएन कोऑर्डिनेटर प्रमोद कुमार तथा एसपीआईयू सदस्य अनुभव और मनोज गर्ग सहित सभी खंड शिक्षा अधिकारी, जिला सुपरविजन टीम एवं ब्लॉक नोडल एफएलएन मुख्य रूप से उपस्थित रहे।





