
ट्रक में छुपा कर चूरापोस्त लेकर जा रहे दो नशा तस्करों को दोषी करार देते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल ने दस-दस साल की कैद और एक-एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अदालत ने ट्रक मालिक को भी चार साल की कैद और 12 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
28 अगस्त 2018 को रोहडाई थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक ट्रक में नमक के कट्टो के बीच में चूरा पोस्त छुपा कर राजस्थान से पानीपत ले जाया जा रहा है। एनएच-352 पर पुलिस ने गांव गुरावड़ा के निकट नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की थी। करीब 10-15 मिनट बाद ट्रक आता हुआ दिखाई दिया। जो सामने पुलिस पार्टी की नाकाबन्दी देखकर ट्रक चालक ने ट्रक को वापिस मोड़ने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने ट्रक चालक व उसमें बैठे दूसरे व्यक्ति को काबू कर लिया था।

आरोपियों से उसका नाम, पता पुछने पर उन्होंने अपना नाम अशफाक निवासी रोशनपुर थाना तितरो जिला सहारनपुर यूपी व चालक के साथ बैठे व्यक्ति से नाम पता पूछने पर अपना नाम नवाब निवासी खानपुर थाना गंगो जिला सहारनपुर यूपी बताया। पुलिस ने ट्रक से 14 बैग चूरा पोस्त बरामद किया था। 14 बैग में से 546 किलोग्राम 540 ग्राम चुरापोस्त बरामद किया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु की थी। जांच के दौरान पुलिस ने ट्रक मालिक मुस्तकीन को भी गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान मुस्तकीन द्वारा पेश किए गए कागजात फर्जी निकले थे।
पुलिस ने जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश किया था। पुलिस द्वारा अदालत में प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद आरोपियों को दोषी करार दिया था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी अशफाक व नवाब को मादक पदार्थ अधिनियम में दस-दस साल की कैद और एक-एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अदालत ने ट्रक मालिक मुस्तकीन को चार साल की कैद और 12 हजार रुपये जुर्माना की सजा दी है। जुर्माना नहीं भरने पर आरोपियों को छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।




