
हरियाणा सरकार ने हरियाणा के विकास के लिए कई तरह के प्रोजेक्ट तैयार किये गए है और कुछ पर काम चल भी रहा है। राज्य में चारों ओर विकास के काम हो रहे हैं और हर जगह पुल, हाइवे, बस अड्डे तथा बिजनेस सिटी का निर्माण तेज गति से हो रहा है। हरियाणा में एक्सप्रेस वे के साथ साथ ग्लोबल सिटी और आईएमटी बनाने की परियोजना पर भी काम चल रहा है। राज्य के विकास को देखते हुए कई कार्य पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप के तहत भी एलॉट किए जा रहे हैं, ताकि राज्य में विकास के काम ना रूके। इसी तरह से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे भी हरियाणा के लिए अहम कड़ी साबित होने जा रहा है। इस एक्सप्रेस वे से राज्य में बिजनेस व रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इस महीने कुंडली मानेसर पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ सोनीपत से पलवल के बीच प्रस्तावित हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडोर के निर्माण के लिए टेंडर की बिड खोली जाएगी। जिससे इस लाइन के लिए निर्माण कार्य जल्द शुरू हो जाएगा।
5556 करोड़ की लागत से बनेगा रेल कॉरीडोर
अब प्रदेश में रेल कॉरीडोर का निर्माण भी होने लगा है। जिस पर कुल 5556 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। फिलहाल प्रथम चरण में 175 करोड़ रुपए के कार्यों का टेंडर लगाया गया है। इस कॉरीडोर से सीधे तौर पर फरीदाबाद, गुरूग्राम, सोनीपत, झज्जर, पानीपत, करनाल, कुरूक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, पंचकूला और चंडीगढ़ को लाभ होगा। इस कॉरीडोर के निर्माण से जहां रोजगार व बिजनेस के नए अवसर उत्पन्न होंगे, वहीं प्रदेश के हजारों लोगों को सीधे तौर पर नौकरियां भी मिलेंगी।

175 करोड़ से बनेगा स्टेशन
हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एचआरआईडीसी) ने इन कामों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें प्रथम चरण में 175 करोड़ रुपए की लागत से मानेसर स्टेशन से दिल्ली-रेवाड़ी मार्ग पर ही बनें पातली रेलवे स्टेशन पर मिट्टी की भरत की जानी है, स्टेशन का निर्माण, पुल निर्माण, दीवार आदि का काम होना है। यह टेंडर इसी महीने जनवरी में खोला जाना है। इस परियोजना का सीधा लाभ हरियाणा के एनसीआर (NCR) में आने वाले फरीदाबाद, गुरूग्राम, सोनीपत व झज्जर के लोगों को लाभ मिलने वाला है। इस रेल कोरिडोर के बनने से हरियाणा के लोगो के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे।
130 किलोमीटर लंबी होगी रेललाइन
पलवल से सोनीपत जिले के हरसाना कलां तक यह रेललाइन 130 किलोमीटर लंबी होगी। चंडीगढ़ से फरीदाबाद, पलवल व गुरुग्राम आवागमन में भी सुविधा होगी। दिल्ली में मालवाहक भारी वाहनों की भीड़ घटेगी। गुरुग्राम जिले से सोहना व मानेसर और सोनीपत जिले से खरखोदा की आईएमटी(IMT) तक माल की ढुलाई आसान हो जाएगी। यह रेललाइन केएमपी (KMP) के साथ 150 से 200 फीट चौड़ी जगह में तैयार की जाएगी। इलेक्ट्रिक रेललाइन परियोजना को 3 साल में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
15 महीने में होगा काम पूरा
टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने वाली कंपनियों के सामने सीधे तौर पर यह शर्त रखी गई है कि उन्हें 15 महीने में अपने काम खत्म करने होंगे। इसके साथ ही ब्रॉड गेज रेलवे लाईन बिछाने की प्रकिया आरंभ की जाएगी। गुरूग्राम में इस परियोजना के लिए जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है, अब झज्जर के करीब 18 गांवों की जमीन का अधिग्रहण शुरू किया जाएगा। जल्द ही इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। कहा जा रहा है की इस रेल कॉरीडोर परियोजना का फायदा पंजाब तक भी जाएगा।
एलीवेटिड ट्रैक
सोनीपत-पलवल रेल कोरिडोर की लाइन को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-9 (NH-9) व दिल्ली-रोहतक रेल लाइन को क्रास करने के लिए एचआरआइडीसी (HRIDC) की ओर से एलीवेटिड ट्रैक बनाया जाएगा। दिल्ली-रोहतक रेल लाइन पर वर्तमान आसौदा रेलवे स्टेशन को पलवल-सोनीपत रेल कॉरिडोर से दोनों ओर से जोड़ने की मांग पर मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने विचार करने का आश्वासन दिया है। जबकि एचआरआईडीसी का इसी एलीवेटिड ट्रैक पर दिल्ली-रोहतक रेल लाइन के ऊपर ही नए आसौदा रेलवे के निर्माण का प्रस्ताव अभी विचाराधीन है। एनएच-9 (NH-9) के पास बनने वाले इस जंक्शन के कारण केएमपी के एंट्री-एग्जिट व एनएच-9 के डिजाइन में भी फेरबदल किया जाएगा। इसके लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक आधारभूत संरचना विकास निगम (HSIIDC), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और HRIDC के अधिकारियों के बीच इस फेरबदल वाले डिजाइन पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
परियोजना का लाभ
- सोनीपत से पलवल के बीच दौड़ेंगी सेमी हाईस्पीड सब-अर्बन ट्रेन
- 160 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी गाड़ियों की स्पीड
- दिल्ली को बाईपास करते हुए इस रेल मार्ग पर शताब्दी, सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें चलेंगी
- सालाना 40 लाख यात्री सफर कर सकेंगे
- सालाना 60 लाख टन माल ढुलाई करने के लिए प्रोजेक्ट किया डिजाइन
- यह लाइन गुरुग्राम से रेलगाड़ियों व मालगाड़ियों को दिल्ली के बाहर से चंडीगढ़ तक जाएंगी
- इस नए रास्ते से यात्रा के समय में बहुत किफायत रहेगी
- रेल लाइन के दोनों ओर एनसीआर(NCR) क्षेत्र में मल्टीमाडल हब विकसित हो सकेगा
- यह रेल मार्ग राज्य के सभी प्रमुख औद्योगिक शहरों को जोड़ने वाला होगा




