
केंद्रीय राजमार्ग परिवहन मंत्रालय एक योजना ऐसी योजना पर काम कर रहा है जिसमे सड़को पर वहां ट्रेन की तरह चलेंगे. इस योजना को साकार करने पर काम शुरू कर दिया गया है. इस योजना के सफल होने पर यहाँ का नजारा विदेशों की सड़को का जैसा होगा. इसके लिए कई विदेशी कंपनियों से बातचीत चल रही है. जिस कंपनी से कांटे्रक्ट होगा, उसे देश में पहला इलेक्ट्रिक हाईवे बनाने का ठेका दिया जाएगा. इस तरह के हाईवे का निर्माण करने के लिए दिल्ली, हरियाणा से होते हुए जयपुर राजमार्ग को चुना गया है.
कम खर्च पर होगा लंबा रास्ता तय
माना जा रहा है कि यह योजना साकार हो गई तो फिर देश में कई इलेक्ट्रिक राजमार्ग तैयार करने का रास्ता खुल जाएगा. जहां मामूली से खर्च पर लंबा सफर आसानी से तय किया जा सकेगा. फिलहाल केंद्र सरकार दिल्ली से मुंबई के बीच ऐसा एक्सप्रेस वे बनाने में जुटी है, जिसका सफर दिल्ली से शुरू होकर मुंबई तक जाएगा, वह भी 24 की बजाए 12 घंटे में. सीधे शब्दों में कहा जाए तो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस के जरिए 12 घंटे में सफर पूरा किया जा सकेगा.

विदेशों को देगा मात
गडकरी ने राजस्थान के दौरे में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक रेलवे इंजन की तरह बसों और ट्रकों को भी जल्द बिजली से चलाया जाएगा। इसमें कोई शक नही है कि भारत अब दूसरे देशों को मात दे रहा है. आज भारत मे वो हर एक चीज होने जा रही है जो विदेशों में देखने को मिलती है. जल्द ही अपने भारत को विदेशों की तरह सजा हुआ पाएंगे. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उनका मंत्रालय दिल्ली से जयपुर तक इलेक्ट्रिक हाइवे के निर्माण के लिए एक विदेशी कंपनी के साथ वार्तालाप कर रहा है.
नितिन गडकरी जी ने बताया दिल्ली से जयपुर तक इलेक्ट्रिक हाईवे बनाना मेरा सपना है. यह अभी भी एक प्रस्तावित परियोजना के समान है.गडकरी ने गुरुवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की प्रगति की समीक्षा की, जिसके चालू होने पर सड़क मार्ग से राष्ट्रीय राजधानी और वित्तीय केंद्र के बीच का रास्ता 24 घंटे की जगह 12 घंटे में पूरा होने की आशा जताई जा रही है.8 लेन का यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात से होकर गुजरने वाला है.
दिल्ली से जयपुर तक विद्युत राजमार्ग
अब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली से जयपुर तक विद्युत राजमार्ग के निर्माण के बारे में बताया है. मंत्रालय इस योजना पर बीते कुछ सालों से काम कर रहा है.केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तक इलेक्ट्रिक राजमार्ग बनाना मेरा सपना है. हम एक विदेशी कंपनी के साथ बातचीत कर रहे हैं. गडकरी ने राजस्थान के दौसा में दिल्ली-मुंबई राजमार्ग की प्रगति की समीक्षा करते हुए बोला कि इलेक्ट्रिक रेलवे इंजन की की तरह बसों और ट्रकों को भी विद्युत से चलाया जाएगा. राजमार्ग के उपयोग से यात्रियों का सफर 4-5 घंटे तक कम हो जाएगा.उन्होंने कहा कि एक परिवहन मंत्री के तौर पर देश में पेट्रोल और डीजल के इस्तेमाल को खत्म करने का संकल्प लिया है.इलेक्ट्रिक राजमार्ग प्रारंभ होने के पश्चात ट्रकें और बसें बिजली से चलेंगी. इस राजमार्ग पर ट्रक और बस मेट्रो रेल की तरह ऊपर लगे तारो के जरिए चलेंगे. इसे पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए खास तरीके से बनावट करायी जाती है.




