
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने गाड़ियों में सीएनजी किट लगाने को लेकर नई मसौदा अधिसूचना जारी की है। नई अधिसूचना में कहा गया है कि जल्द ही कार मालिक अपनी बीएस6 पेट्रोल गाड़ियों में सीएनजी किट लगवा सकेंगे, जिससे उनकी ईधन पर खर्च होने वाली लागत में 40 से 50 फीसदी की कमी आएगी। इस तरह सरकार ने सीएनजी और एलपीजी किट के लिए रेट्रो फिटमेंट के लिए संशोधऩ में अनुमति दे दी है।
जानिए किन गाड़ियों के लिए मान्य
सड़क परिवहन मंत्रालय ने हाल ही में रेट्रोफिट को लेकर उत्सर्जन और अन्य मानकों के लिए मसौदा अधिसूचना जारी की है। मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि कुछ समय से यह मांग महसूस की जा रही थी, क्योंकि इन दिनों देशभर में केवल बीएस-6 उत्सर्जन मानकों का पालन करने वाले वाहन ही बेचे जा रहे हैं। वहीं अभी तक केवल बीएस-4 उत्सर्जन मानकों को पूरा करने वाले वाहनों में ही CNG रेट्रोफिटमेंट की अनुमति है। मंत्रालय के मुताबिक सीएनजी एक एनवायरमेंट फ्रेंडली फ्यूल है और यह पेट्रोल और डीजल इंजन के मुकाबले कम कार्बन मोनोऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन और धुएं का उत्सर्जन करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के इस कदम से उन लोगों को राहत मिलेगी जो पेट्रोल पर अभी तक ज्यादा रकम खर्च कर रहे हैं। इसके अलावा सीएनजी हरित ईंधन है, जो पर्यावरण के लिए अनुकूल है। सरकार ने 1500 सीसी इंजन की क्षमता वाले वाहनों में सीएनजी रेट्रोफिटमेंट किट लगाने का प्रस्ताव दिया है, जिससे अधिकांश कारों और कुछ एसयूवी में सीएनजी किट लगाई जा सकेगी। वहीं दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में चलने वाले कॉमर्शियल वाहनों में सीएनजी होना अनिवार्य है, जिससे देखते हुए यह कदम उठाने की जरूरत थी।
जानिए कितने सालों के लिए होगी मान्य
मंत्रालय के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 3.5 टन तक के कुल वजन वाले वाहनों में रेट्रोफिटेड सीएनजी किट्स लगाई जा सकेगी, और यह किट तीन सालों के लिए मान्य होगी, जिसे अगले तीन सालों के लिए बढ़ाया जा सकेगा। ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि रेट्रोफिटेड सीएनजी किट की कीमत 50 हजार रुपये तक पड़ती है, लेकिन पेट्रोल के मुकाबले सीएनजी सस्ती होने के कारण जल्द ही किट की कीमत वसूल हो जाती है, वहीं ज्यादा माइलेज भी मिलता है। मंत्रालय ने सभी 30 दिनों के अंदर सुझाव भी मांगे हैं ताकि अगर जरूरत हो तो अपनी अंतिम अधिसूचना में आवश्यक बदलाव कर सके।




