
दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में 10 से 15 साल पुराने डीजल और पेट्रोल वाहन कंडम होने से पूरी तरह से बच जाएंगे। राज्य सरकार ने इसके लिए सही तरीका निकालते हुए इन वाहनों में इलेक्ट्रिक किट लगाने का रास्ता साफ कर दिया है। अब लोग अपने पुराने वाहनों को बेचने या कंडम करने की बजाए उनमें इलेक्ट्रिक किट लगा सकते हैं। दिल्ली सरकार ने इसके लिए नया कानून बनाकर लोगों की मुश्किलों को आसान कर दिया है। इसके लिए दिल्ली में 10 ऐसी कंपनियों को नामित किया गया है, जोकि इलेक्ट्रिक किट लगाने का काम कर सकते हैं। इससे दिल्ली के ही नहीं बल्कि हरियाणा, यूपी और राजस्थान के एनसीआर में आने वाले लाखो लोगों को भी राहत मिलने जा रही है।

प्रशिक्षित टेक्निशियन
इन वाहनों को ई वाहनों में बदलने वाले केन्द्रों की पंजीकरण प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया है। हालांकि इसमें कई दिशा निर्देश भी दिए गए हैं। परिवहन विभाग ने इस बात को साफ तौर पर कहा है कि केन्द्रों के पास प्रशिक्षित टेक्निशियन होने चाहिए और उन्हें इस काम की पूरी जानकारी भी होनी चाहिए। वहीं कंपनी को ही वाहनों का रिकॉर्ड भी खुद ही रखना होगा जो परिवहन विभाग और राजमार्ग मंत्रालय कभी भी मांग सकता है। इस पैनल में परिवहन विभाग द्वारा जीतने भी रेट्रोफिटर्स को शामिल किया गया है वे इंटरनेशनल सेंटर फॉर आटोमेटिव टेक्नोलॉजी द्वारा अनुमोदित किया गया है।
कितना आएगा खर्च
इस तरह के चार पहिया वाहनों की रेट्रोफिटिंग करने में करीब 3-5 लाख रूपये तक का खर्च आता है। बता दें कि ऐसे कई वाहनों को जब्त भी किया जा चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा 2021 से अब तक 3299 वाहनों को जब्त भी किया जा चुका है। इसमें सबसे ज्यादा वो वाहन शामिल हैं जो 15 साल पुराने पेट्रोल वाले वाहन हैं। वहीं 10 साल पुराने 179 वाहनों को जब्त किया गया है। पिछले दिसंबर में सबसे ज्यादा वाहनों (1377) को जब्त किया गया है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने दिए निर्देश
बता दें कि परिवहन विभाग के अधिकारी ने बताया है कि एक जनवरी से 10 साल पुराने एक लाख डीजल वाहनों को निरस्त कर दिया गया है। वहीं बेशक अभी 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के निरस्त होने की घोषणा नहीं की गई लेकिन वे निरस्त हो चुके हैं। वहीं अधिकारियों द्वारा ये भी कह दिया गया है कि इस तरह के वाहन यदि सड़क पर चलेंगे तो उन्हें जब्त कर लिया जाएगा। वहीं अब दिल्ली में पुराने वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।




