
दक्षिण हरियाणा की महत्वाकांक्षी परियोजना एम्स के निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने की मांग को लेकर आज एम्स बनाओ संघर्ष समिति ने रेवाड़ी जिला सचिवालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया. और मांग की गई कि सरकार जल्द जमीन अपने नाम करा राशि किसानों को जारी करें. संघर्ष समिति के लोगों ने जिलाधीश यशेंद्र सिंह को ज्ञापन भी सौंपा.
आपको बता दें कि 13 अक्टूबर को चड़ीगढ़ में उच्च अधिकारीयों की बैठक होना पहले से तय है. जिसमें माजरा गाँव के उन किसानों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे जिन्होंने एम्स के लिए अपनी जमीन दी है. एम्स बनाओ संघर्ष समिति का कहना है कि उनके दो लोगों को भी इस कमेटी में शामिल करें और प्रशासनिक बैठकों में शामिल करें क्योंकि एम्स के लिए उन्होंने लम्बी लड़ाई लड़ी और जनता उनसे एम्स निर्माण को लेकर सवाल पूछती है.
आपको बता दें कि पहली बार वर्ष 2015 में बावल के मनेठी में एम्स बनाने की घोषणा की गई थी. निर्माण शुरू नहीं किया गया तो स्थानीय लोगों ने बड़े स्तर पर महीनों आन्दोलन किया. जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 फ़रवरी 2019 को अधिकारिक घोषणा की थी. एम्स की नीवं रखी जानी थी कि फारेस्ट एडवायजरी कमेटी ने मनेठी गाँव की उक्त जमीन पर एम्स बनाने पर रोक लगा दी. जिसके बाद जमीन को लेकर पेच फंस गया था. उसके बाद हरियाणा सरकार ने किसानों से मार्किट भाव पर स्वयं जमीन देने के लिए आह्वान किया था . और मनेठी और माजरा गाँव के किसानों ने आवश्यकता से दुगनी जमीन के कागज़ ई भूमि पोर्टल पर अपलोड करके सहमती जताई थी.
जिसके बाद माजरा गाँव की जमीन पर एम्स बनाये जाने की संभावनों को तलाशने के लिए केन्द्रीय कमेटी ने जमीन का अवलोकन किया था. जो सभी तरह से एम्स बनाये जाने को लेकर फिजिबल पाई गई . लेकिन फिर जमीन के बदले मिलने वाली राशी को लेकर किसानों और सरकार के बीच टकराव हो गया. जिसमें से एक –दो किसान जमीन देने के लिए राजी भी नहीं थे .. लेकिन रूठे किसानों को मनाया गया और 40 लाख रूपए प्रति एकड़ के हिसाब से किसानों और सरकार के बीच सहमती बन गई.
जिसके बाद जमीन को ट्रांसफर कराने और किसानों को राशी जारी करने को लेकर लगातार बैठके चल रही है. चार दिन पहले सहकारिता मंत्री डॉ बनवारी लाल की अध्यक्षता में भी बैठक की गई थी . जिसमें प्रशासनिक अधिकारीयों के आलावा जमीन देने वाले माजरा गाँव के किसान भी शामिल रहें थे. बैठक में डॉ बनवारी लाल ने कहा था कि एम्स को लेकर 13 अक्टूबर को चड़ीगढ़ में उच्च स्तरीय एक बैठक की जानी है. जिसमें जमीन देने वाले किसानों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. ऐसे में इंतजार है कि कल बैठक में क्या होगा है और कब एम्स की आधारशिला रख काम शुरू किया जाता है.










