डीसी यशेन्द्र सिंह ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर जिला के गांव-गांव में पहुंचकर किसानों को फसल अवशेष खेतों में न जलाने बारे जागरूक करें, ताकि भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे और पर्यावरण को भी कोई नुकसान न हो। फसल अवशेष जलाने से हमारी आने वाली पीढिय़ों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने जिला के किसानों से भी अपील की कि वे फसल अवशेषों का समुचित प्रबंधन करने के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग करें, कहीं पर भी खेतों में फसल अवशेष न जलाएं, सरकार द्वारा कृषि यंत्र किसानों को अनुदान उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने अपील की कि किसान पर्यावरण एवं स्वास्थ्य हित में अपना फर्ज एवं दायित्व निभाते हुए गेहूं की खूंटी को खेतों में आग न लगाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण से सांस, फेफड़ों से संबंधित बीमारियों के अलावा अस्थमा व कैंसर जैसी बिमारियां फैल रहीं हैं।











