भिवानी: हरियाणा के हजारों अनुबंधित स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अनुबंधित स्वास्थ्य कर्मचारी संघ और भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले जिला मुख्यालयों पर उपायुक्त के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा। संघ के प्रदेश प्रचार मंत्री प्रदीप कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 15 जून को गुरुग्राम में कच्चे कर्मचारियों को जॉब सुरक्षा पत्र देने का वादा पूरी तरह झूठा साबित हुआ है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो होने वाले चक्का जाम की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में एचकेआरएनएल के वार्ड सर्वेंट और सफाई कर्मचारियों के जबरन ट्रांसफर पर तुरंत रोक लगाना तथा 5 साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मियों को ‘सेवा सुरक्षा अधिनियम 2024’ के तहत पक्की नौकरी की गारंटी देना शामिल है। इसके साथ ही, मेवात, गुरुग्राम, फतेहाबाद, भिवानी और हिसार जिलों के कर्मचारियों का अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 तक का रुका वेतन तुरंत जारी करने और हर महीने की 7 तारीख तक भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई है। तकनीकी कर्मचारियों को लेवल-3 में अपग्रेड करने, सभी को समान वर्दी व धुलाई भत्ता देने, जोखिम व पोस्टमार्टम भत्ता लागू करने और कैशलेस इलाज के लिए तुरंत आयुष्मान या चिरायु कार्ड बनाने की भी पुरजोर अपील की गई है।
कामकाज की स्थिति में सुधार के लिए हर महीने सिर्फ 1 छुट्टी की पाबंदी को हटाकर नियमित कर्मचारियों की तरह एलटीसी, ग्रेच्युटी और चाइल्ड एडॉप्शन लीव लागू करने की मांग की गई है। इसके अलावा अस्पतालों में 10-12 घंटे की थकाऊ शिफ्ट बंद करने, खाली पद भरने, मनचाहा ट्रांसफर नीति लागू करने, रोहतक में रुके ईपीएफ मामलों का निपटारा करने और दिवंगत कर्मचारी के परिवार को तुरंत मुआवजा देने की मांग शामिल है। अंत में, सेवा से रिटायर होने पर कर्मचारी को 11 लाख रुपये की सम्मान राशि और विदाई समारोह के लिए 21 हजार रुपये देने का प्रावधान करने को कहा गया है।
इस दौरान भारतीय मजदूर संघ के प्रांत मंत्री हवा सिंह तंवर, भिवानी जिला महामन्त्री संदीप बागनवाला , अनुबंधित स्वास्थ्य कर्मचारी संघ भिवानी के जिला अध्यक्ष आबिद खान, जिला कोषाध्यक्ष बलवंत बरदू , जिला सचिव भूप सिंह, जिला उपाध्यक्ष संत कुमार, प्रेस सचिव रवि कुमार, शोभा देवी, वीरेंद्र जमालपुर, दुलीचंद तोशाम , हुसेन बवानीखेड़ा, दीपक मानहेरू और संदीप कैरू समेत बहुत संख्या में कर्मचारी साथी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री की वादाखिलाफी पर अनुबंधित स्वास्थ्य कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, प्रदेशभर में प्रदर्शन





