देशभर के बिजली कर्मचारी 2 दिन की हड़ताल पर रहेंगे,क्या है बिजली कर्मचारियों की मांगे

By Sahab Ram
On: March 24, 2022 1:37 PM
Follow Us:

देशभर के बिजली कर्मियों ने आगामी 28 और 29 मार्च को हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है. यह फैसला उन्होंने केन्द्र सरकार की निजीकरण की नीतियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने का ऐलान कर दिया है. नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लाईज एन्ड इंजीनियर्स (NCCOEEE) की बुधवार को हुई मीटिंग में यह अहम निर्णय लिया गया.

देशभर के श्रम संगठनों के आह्वान पर सभी राज्यों के बिजली कर्मचारियों द्वारा इस 2 दिवसीय देशव्यापी हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया गया है. ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के प्रेसिडेंट शैलेंद्र दुबे ने बताया कि सभी राज्यों के बिजली कर्मचारी भी केंद्र सरकार की निजीकरण की नीतियों के विरोध में हड़ताल में शामिल होकर पूरा सहयोग करेंगे.

यें है कर्मचारियों की मांगे

बिजली कर्मचारियों और इंजिनियरों ने अपनी मुख्य मांगे रखते हुए कहा कि बिजली संशोधन विधेयक 2021 को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए. विभागों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए और साथ ही केंद्रशासित प्रदेशों खासकर मोटी आमदनी वाले चंडीगढ़, दादर नगर हवेली, दमन दीव तथा पुडुचेरी में बिजली निजीकरण का फैसला रद्द किया जाए. इसके अलावा बिजली बोर्डों के विघटन के बाद नियुक्त किए गए सभी बिजली कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना के अंतर्गत लाया जाए.

PM मोदी गुरुग्राम से देंगे देश को 1 लाख करोड़ों की योजना की सौगात

भर्ती की मांग भी शामिल

प्रेसिडेंट शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि राज्यों में सभी बिजली कंपनियों का एकीकरण कर केरल के केएसईबी लिमिटेड और हिमाचल प्रदेश के एचपीएसईबी लिमिटेड की तरह एसईबी लिमिटेड गठित किया जाए तथा साथ ही नियमित पदों पर नियमित भर्ती की जाए और सभी संविदा कर्मचारियों को तेलंगाना सरकार की तर्ज पर नियमित किया जाए.

देशभर के बिजली कर्मियों ने आगामी 28 और 29 मार्च को हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है. यह फैसला उन्होंने केन्द्र सरकार की निजीकरण की नीतियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने का ऐलान कर दिया है. नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लाईज एन्ड इंजीनियर्स (NCCOEEE) की बुधवार को हुई मीटिंग में यह अहम निर्णय लिया गया.

देशभर के श्रम संगठनों के आह्वान पर सभी राज्यों के बिजली कर्मचारियों द्वारा इस 2 दिवसीय देशव्यापी हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया गया है. ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के प्रेसिडेंट शैलेंद्र दुबे ने बताया कि सभी राज्यों के बिजली कर्मचारी भी केंद्र सरकार की निजीकरण की नीतियों के विरोध में हड़ताल में शामिल होकर पूरा सहयोग करेंगे.

RRTS : रैपिड रेल धारुहेड़ा तक, विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर जताई नाराजगी, Delhi-Rewari-Alwar Metro

यें है कर्मचारियों की मांगे

बिजली कर्मचारियों और इंजिनियरों ने अपनी मुख्य मांगे रखते हुए कहा कि बिजली संशोधन विधेयक 2021 को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए. विभागों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए और साथ ही केंद्रशासित प्रदेशों खासकर मोटी आमदनी वाले चंडीगढ़, दादर नगर हवेली, दमन दीव तथा पुडुचेरी में बिजली निजीकरण का फैसला रद्द किया जाए. इसके अलावा बिजली बोर्डों के विघटन के बाद नियुक्त किए गए सभी बिजली कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना के अंतर्गत लाया जाए.

प्रेसिडेंट शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि राज्यों में सभी बिजली कंपनियों का एकीकरण कर केरल के केएसईबी लिमिटेड और हिमाचल प्रदेश के एचपीएसईबी लिमिटेड की तरह एसईबी लिमिटेड गठित किया जाए तथा साथ ही नियमित पदों पर नियमित भर्ती की जाए और सभी संविदा कर्मचारियों को तेलंगाना सरकार की तर्ज पर नियमित किया जाए.

Rewari AIIMS के शिलान्यास का इंतजार हुआ खत्म, 16 फरवरी को प्रधानमंत्री करेंगे शिलान्यास

Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment