सिरसा, 30 जून।
अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल ने कहा कि स्कूलों में सुरक्षित वातावरण सबसे जरूरी है। शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल सेफ्टी पॉलिसी के तहत स्कूलों का निरीक्षण करें और जो भी खामियां पाई जाए, उसके बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाएं ताकि समय पर उचित कार्यवाही की जा सके।
ये निर्देश अतिरिक्त उपायुक्त ने मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में स्कूल सेफ्टी को लेकर जिला स्तरीय कमेटी की बैठक में दिए। इस बैठक में सीडब्ल्यूसी चेयरमैन डा. मदनलाल, डीटीपी कर्मवीर सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष फुटेला, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता कमलदीप सिंह, उप सिविल सर्जन डा. संदीप सिंह, शिक्षा विभाग से अमित मनहर मौजूद रहे।
अतिरिक्त उपायुक्त नेे कहा कि कंडम भवन के अलावा बिजली, पानी की व्यवस्थाएं भी जांची जाए। विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी आ रही है तो उस पर भी तत्काल संज्ञान लिया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में जाने वाले ई-रिक्शा पर बच्चों की संख्या निर्धारित से अधिक न हो। स्कूल बस व दूसरे वाहनों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए। जिन स्कूलों का मुख्य द्वार सीधे रोड पर है, वहां स्कूल की छुट्टी के दौरान अध्यापक की तैनाती हो ताकि बच्चे सुरक्षित ढंग से सड़क क्रॉस करें। उन्होंने कहा कि स्कूलों के पास जहां स्पीड ब्रेकर की आवश्यकता है वहां स्पीड ब्रेकर बनवाए जाए और दूसरे ट्रैफिक नियमों की कमी लगती है, तो उसे दुरुस्त किया जाए।
जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष फुटेला ने बताया कि जिले में 833 सरकारी स्कूल व 333 प्राइवेट स्कूल हैं। इन सभी स्कूलों का निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही खंड स्तर पर भी बैठकें आयोजित होगी और जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, सेफ्टी मानकों की सख्ती से हो पालना : अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल






