झज्जर, 21 अप्रैल। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति (एनसीओआरडी) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीसीपी दीप्ती गर्ग विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि स्वस्थ समाज ही देश की प्रगति का आधार होता है । जिला प्रशासन का दायित्व बनता है कि समाज की मुख्यधारा से भटक कर नशा के एडिक्ट हुए युवाओं को फिर से समाज की मुख्यधारा में शामिल करें। इसके लिए सभी विभागों को मिशन मोड में कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि समाज से नशे की प्रवृति को खत्म करने के लिए पूरी गंभीरता के साथ प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। जिले में मेडिकल स्टोर संचालकों द्वारा बिना डॉक्टर की पर्ची के किसी प्रकार दवाई न दी जाए। उन्होंने कहा कि नशे के आदी हो चुके युवाओं को नशे की लत से छुटकारा दिलवाने के लिए प्रभावी योजना तैयार करते हुए कार्य करें व पुलिस द्वारा नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के चंगुल से बाहर निकलना है फिर उनको शिक्षा और रोजगार से जोड़ते हुए बेहतर भविष्य की तरफ अग्रसर करना है। उन्होंने कहा कि जिला के 125 गांव नशामुक्त घोषित हो चुके हैं,जबकि छह कालोनी,16 वार्ड और 14 सोसायटी नशा मुक्त हो चुकी हैं।
डीसीपी दीप्ती गर्ग ने कहा कि पुलिस द्वारा नशे खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीण स्तर पर पंचायतों के साथ मिलकर युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा मिशन हर गांव को नशा मुक्त बनाना है। नशे के आदी लोगों की पहचान हो रही है।
इस अवसर पर एसडीएम झज्जर रवि मीणा,एसडीएम बादली विशाल कुमार,डीए अनुज दहिया,डीईओ रतिंद्र ङ्क्षसह,डीपीओ सपना होलकर,स्वास्थ्य विभाग से डॉ नितेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।



