नेताजी सुभाष चंद्र बोस: जानिए 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के रूप में क्यों मनाया जाता है

By Sahab Ram
On: January 23, 2023 5:52 PM
Follow Us:

नेताजी सुभाष चंद्र बोस को महान क्रांतिकारी, देशभक्त व राष्ट्रवादी थे। उन्होंने अपनी अद्भुत संगठन क्षमता, अद्वितीय साहस और असाधारण नेतृत्व कौशल से स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दिखाई।

7 वर्षीय योगिनी वान्या शर्मा बनीं UYSF की सबसे कम उम्र की ब्रांड एंबेसडर
राष्ट्रीय गौरव: 7 वर्षीय योगिनी वान्या शर्मा बनीं UYSF की सबसे कम उम्र की ब्रांड एंबेसडर, ३ प्रतियोगिताओं में हुआ चयन

नेता जी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 में उड़ीसा राज्य के कटक शहर में हुआ था। सुभाष चंद्र बोस के पिता जी का नाम जानकी नाथ बोस और माता का नाम प्रभावती बोस था। सुभाष चंद्र बोस के पिता जी जानकी नाथ बोस पैशे से वकील थे।सुभाष चंद्र बोस के कुल मिलकर 13 भाई बहन थे।नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 1918 में स्कॉटिश चर्च कॉलेज से बी.ए की डिग्री हासिल की थी ।नेताजी को 1923 में ऑल इंडिया युथ का प्रेसिडेंट चुना गया था ।सुभाष चंद्र बोस जी ने आजाद हिंद फौज का गठन किया था।

Rewari में पहली बार Bagless School की शुरुआत

नेताजी का यह मानना था कि अहिंसा के बल पर आज़ादी नही मिल सकती।‘तुम मुझे खून दो मै तुम्हे आज़ादी दूंगा’ नेताजी सुभाष चंद्र जी का ही नारा है। 18 अगस्त 1945 में ताइहोकू में विमान क्रैश में उनकी मृत्यु हो गयी थी, परन्तु उनका शव आज तक प्राप्त नहीं हुआ।नेता जी को मरणोपरांत 1992 में भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था।

Balmukund gupt ka jeevan parichay- बाबू बाल मुकुंद गुप्त का जीवन

Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now