
इंडिया ऑयल द्वारा इंडियन ऑयल एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल और ग्रीन कॉम्बो लुब्रिकेंट का भारत का पहला ट्रायल हरियाणा के बल्लबगढ बस अड्डा से शुभारंभ किया गया। इस ग्रीन डीजल से वाहनों से होने वाले प्रदूषण से राहत मिलेगी वही माइलेज भी 5 प्रतिशत बढ़ जाएगी।

क्या है इसके फायदे
उन्होंने कहा कि इस एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल और ग्रीन कॉम्बो लुब्रिकेंट से प्रदूषण में कमी आएगी, माइलेज भी बढ़ेगी, खास बात यह कि इस ऑयल की खोज फरीदाबाद में इंडियन ऑयल सेंटर ने की है, परिवहन मंत्री मूलचन्द शर्मा ने कहा कि आज ये ट्रायल देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल व देश के परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के सपने को पूरा करेगा। परिवहन मंत्री ने एक्स्ट्रा ग्रीन ऑयल से चलाए जानी वाली बसों को झंडी दिखाने के बाद कहा कि आज इंडियन ऑयल की दूरगामी विजन, लगन और मेहनत रंग ला रही है। यहाँ के वैज्ञानिकों द्वारा लगातार देश हित में कार्य किया जा रहा है। देश के प्रधानमंत्री ने 2070 तक कार्बन न्युटन यानी नेट जीरो कार्बन इकनॉमि का लक्ष्य रखा है।
हरियाणा रोडवेज में होगा लागू
इस अवसर पर रामा कुमार ने बताया कि इंडियन ऑयल के इस ग्रीन कॉम्बो के विभिन्न परीक्षणों में अब तक 5 और 7 प्रतिशत और इसे अधिक फ्यूल इकोनॉमी का लाभ हुआ है। इस 40 हजार किलोमीटर के ट्रायल के बाद इसे पूरे हरियाणा रोडवेज में लागू करेगें। जिससे हरियाणा रोडवेज को सालाना लगभग 40 करोड़ रुपये का फायदा होगा। इससे लगभग 1000 टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण में लाभ मिलेगा। इस शुभ अवसर पर हरियाणा के परिवहन मंत्री पंडित मूलचन्द शर्मा मुख्यातिथि के रूप में पहुँचे जबकि इंडियन ऑयल के आर डी सेंटर के निदेशक डॉ एस एस वी रामा कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे। हरियाणा के परिवहन मंत्री मूलचन्द शर्मा ने इंडिया ऑयल को बधाई दी और हरियाणा रोडवेज के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी बधाई दी।




