
देश में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली में10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया था. अब हरियाणा में भी पहले चरण में गुरुग्राम में 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को सड़कों से हराया जाएगा। इसके बारे में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ऑटो चालक संघ के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान बताया.यह फैसला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के फैसले अनुसार लिया गया है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ( cm manohar lal ) ने गुरूग्राम में ई-ऑटो रिक्शा ( e-auto ) को बढावा देने के लिए पिछले वर्ष अगस्त में लागू किए गए परिवर्तन प्रोजेक्ट की समीक्षा की। इसके लिए गुरूग्राम ( gurugram ) के लोक निर्माण विश्रामगृह में संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाई गई। मुख्यमंत्री ने हरियाणा ऑटो चालक संघ के प्रतिनिधियों से भी इस प्रोजेक्ट के बारे में बातचीत की।

मुख्यमंत्री ने ऑटो चालक संघ के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में कहा कि गुरूग्राम में वायु प्रदूषण ( air pollution ) का एक बड़ा मुद्दा है जो नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ( National Green Tribunal ) , सर्वोच्च न्यायालय ( Supreme Court ) तथा सभी गुरूग्राम वासियों के लिए चिंता का विषय है। इसे देखते हुए गुरूग्राम में पिछले वर्ष अगस्त में प्रोजेक्ट परिवर्तन लांच किया गया था, जिसमें डीजल ( diesel ) या पेट्रोल ( petrol ) के ऑटो को बदलकर ई-ऑटो( e-auto ) खरीदने वाले ऑटो चालक को इनसेंटिव दिया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि उन्होंने ऑटो चालक संघ के प्रतिनिधियों से कहा कि आपकी कठिनाइयों का पत्र भी मुझे मिल गया है, जिस पर भी बैठक में विचार-विमर्श हुआ है।
आपको बता दे कि इन वाहनों पर प्रतिबंध के लिए हरियाणा सरकार (Haryana Government) पहले भी जागरूकता अभियान चलाती रही है जबकि राज्य के 14 जिलो रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, जींद, झज्जर, पानीपत, पलवल, भिवानी, दादरी, फरीदाबाद, गुरुग्राम, नूह, जींद और करनाल में ये वाहन पहले ही बैन हो चुके हैं. इस संबंध में पहले भी कई बार एनजीटी (NGT) और सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) आदेश दे चुकी है.




