
विज्ञापन के जरिए गलत जानकारी देने वाले रेवाड़ी के दो प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। हरियाणा मेडिकल काउंसिल ने दोनों अस्पतालों के 4 डॉक्टरों को 7 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया हैं। ये चिकित्सक 7 दिन तक किसी का उपचार नहीं कर पाएंगे। मामला विज्ञापन में दिए गए तथ्यों से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। आईएमसी पंचकूला की ओर से 25 अगस्त को जारी पत्र में कहा गया है कि डॉक्टर एसएन मनिकनंदन, डॉक्टर सरन्या मनिकनंदन व डॉक्टर मुकेश यादव की शिकायत डॉक्टर कर्ण सिंह पूनिया, डॉ. अभय कुमार, डॉ. अश्वनी कुमार व डॉक्टर सुप्रतिक्ष यादव की ओर से की गई थी।
बता दें कि डॉ. कर्ण सिंह पूनिया हरियाणा मेडिकल काउंसिल के प्रधान हैं। पत्र में कहा गया है कि 4 अप्रैल 2021 को डॉ. कर्ण सिंह पूनिया व 13 अप्रैल 2021 को अन्य शिकायकर्ता चिकित्सकों की ओर से शिकायत दी गई थी। 5 अगस्त 2021 को HMC की जनरल बॉडी बैठक में इस पर चर्चा की गई। इसमें पाया गया है कि नियमों की अवहेलना आरोपी चिकित्सकों ने की है। ऐसे में तीनों चिकित्सकों की प्रैक्टिस पर 25 अगस्त से 7 दिन के लिए प्रतिबंध लगाया जाता है।
वहीं इन चिकित्सकों को इस दौरान अपना पंजीकरण पत्र भी काउंसिल के पास जमा कराना होगा। दूसरी तरफ मार्स अस्पताल के डॉ. अभय के खिलाफ डॉ. मणिकंदन के ड्राइवर ने शिकायत दी। इसमें कहा गया कि मार्स अस्पताल ने सस्ते के चक्कर में न पड़कर पुराने डॉक्टर के पास आने की बात की गई और उसमें बकायदा डॉ. अभय का फोटो भी छपवाया गया। IMA ने इन चारों डॉक्टरों को 7 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया है।
भ्रामक जानकारियां छपवाई
मार्स हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अभय कुमार का कहना है कि आदित्य अस्पताल की तरफ से छपवाए विज्ञापन में तथ्यहीन जानकारियां थीं, जिसकी देशभर में डॉक्टरों ने आलोचना की। हार्ट व ब्रेन अटैक के बारे में गलत बातें लिखी। स्टेंट फेलियर के केस यहां सबसे ज्यादा बताए गए। जबकि ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है। वैसे भी आईएमए स्टेट प्रेजिडेंट भी हमारे साथ शिकायत करने वालों में हैं। मुझे तो फोटो छपवाने की बात कहकर सस्पेंड किया गया। हम काउंसिल के निर्णय को चैलेंज करने का भी विचार कर रहे हैं।
डॉक्टरों का खेल उजागर किया तो सब एक हुए
आदित्य अस्पताल के संचालक डॉ. मणिकंदन ने कहा कि हमारे विज्ञापन में छपी बातें बिल्कुल सही हैं। आम लोगों के लिए जानकारी दी गई थीं, क्योंकि सामान्यत: लोगों को नहीं पता होता कि व्यक्ति को हार्ट अटैक है या ब्रेन। वैसे भी हमने विज्ञापन के जरिए ये बताया कि ज्यादातर डॉक्टर 5 हजार का चाइनीज स्टेंट इस्तेमाल करके मरीजों से 1.50 लाख रुपए वसूल लेते हैं। खेल उजागर होता देखा तो हमारे अस्पताल को बंद कराने के लिए कुछ डॉक्टर एकजुट हो गए। वैसे हमारे फोटो छपने को लेकर काउंसिल को आपत्ति थी।
कॉपी – भास्कर





