दलहन, तिलहन और अरंड के साथ ये फसले किसानों को देगी अधिक लाभ – वीसी प्रो. बी. आर. कांबोज

By Sahab Ram
On: August 26, 2021 9:58 AM
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दलहन, तिलहन और अरंड के साथ ये फसले किसानों को देगी अधिक लाभ – वीसी प्रो. बी. आर. कांबोज

हरियाणा विशेषकर दक्षिणी पश्चिमी हरियाणा में विविधिकरण के लिए दलहन, तिलहन के अलावा अरंड एक महत्वपूर्ण फसल है। इस फसल के साथ मूंग, तिल, ग्वार, मूंगफली, मोठ आदि फसलें इसके साथ उगाई जा सकती हैं, इस प्रकार और अधिक लाभ उठाया जा सकता है। ये विचार प्रो. बी. आर. कांबोज, कुलपति, चौ चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार ने किसानों से आज “हरियाणा में अरंड की वैज्ञानिक खेती” विषय पर आयोजित वेब-सैशन के दौरान कहे। ये कार्यक्रम विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, बावल व भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया। कुलपति महोदय ने किसानों का आह्वान किया कि ड्रिप का प्रयोग करके इस फसल में पानी की अत्यधिक बचत कर सकते हैं, व फेर्टिगेसन से पौशाक तत्वों की बचत भी कर सकते हैं। जिन इलाक़ों में मरगोजा की समस्या है वहाँ अरंड की काश्त करने से इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है।

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विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. एस. के. सहरावत ने कहा की बावल में इस फसल पर अच्छा शौध कार्य हो रहा है तथा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत किसानों को इसके बारे में जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है। भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद की निदेशक डॉ. एम. सुजाता ने कहा की हमारे संस्थान की तरफ से हरियाणा में अरंड पर शौध कार्य एवं इसकी खेती को बढ़ावा देने के लिए हर-संभव सहायता प्रदान की जाएगी। अधिक से अधिक प्रदर्शन प्लाट लगाए जायेंगे एवं परियोजनाएं लागू की जाएँगी।

क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र बावल के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मबीर यादव ने बताया कि बावल केंद्र पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के तहत नयी किस्में व उन्नत तकनीक विकसित की जा रही हैं जिन्हें और गति प्रदान की जाएगी ताकि अरंड के क्षेत्रफल व उत्पादन में वृद्धि हो सके। जहाँ यह फसल लगाई जाती है वहाँ जमीन की गुणवत्ता भी सुधरती है। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. जोगेन्द्र सिंह यादव ने इस फसल की सस्य क्रियाओं के बारे में विस्तार से बताया। अन्य विशेषज्ञ डॉ. जवाहर लाल, डॉ. दुरईमुरूगन, डॉ. जी डी सतीश, डॉ. जी. सी. गंगवार ने किसानों को फसल की किस्मों व कीट-व्याधि प्रबंधन पर चर्चा की। कार्यक्रम में किसानों ने भी अपने विचार रखे व वैज्ञानिकों ने उनके प्रश्नों का समाधान किया।

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Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

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