
जिला सचिवालय स्थित सभागार में शुक्रवार को एक्सिस बैंक की ओर से साइबर फ्राड से बचने के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयेाजन किया गया। जागरूकता कार्यक्रम में एक्सिस बैंक नोर्थ जोन के एफसीओ मैनेजर राजेश शर्मा द्वारा फ्राड से बचने व फ्राड होने पर मदद के लिए जानकारियां दी गई।
जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। जागरूकता कार्यक्रम में बैंकिंग फ्राड, पेमेंड कार्ड फ्राड, फिशिंग, विशिंग व एसएमएस फ्राड, वालेट, पेटीएम ट्रांजेक्शन व सिक्योरिटी फीचर, स्किमिंग, नेट बैंकिंग व एटीएम कार्ड से संबंधित जानकारियां दी गई। राजेश शर्मा ने कहा कि साइबर फ्राड करने वाले ग्राहकों से फोन का एक्सेस लेने के लिए कई तरह से बातों में फंसाते हैं और फिर फर्जी ट्रांजेक्शन कर लेते हैं। जैसे

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केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए फ्रॉडस्टर आपको फोन कर सकते हैं।
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आपको AnyDesk या Team Viewer जैसी डेस्कटॉप ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा जा सकता है।
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या आपको कोई लिंक खोलने के लिए कहा जाएगा।
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आपको 9 डिजिट का एक कोड शेयर करने के लिए कहा जाता है, जिससे ठग आपके डिवाइस का एक्सेस ले लेते हैं।
इससे वो आपके डिवाइस से कुछ भी कर सकते हैं और आपकी पूरी जानकारी अपने पास ले सकते हैं. साथ ही वो डिवाइस शेयर करने के बाद डिवाइस पिन, पैटर्न, MPIN जैसी कई गोपनीय चीजों का पता कर लेते हैं और इस वजह से ही आपके खाते से अनाधिकृत लेन-देन हो जाता है।
कभी भी अपनी पर्सनल डिटेल्स को सोशल मीडिया पर शेयर न करें। ऐसा करने से आप अपने अकाउंट को खतरे में डाल देते हैं. बैंकों की तरफ से ग्राहकों को स्पष्ट तौर पर कह दिया गया है कि अगर वो अपनी पर्सनल जानकारियां जैसे कि अकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर या फिर पर्सनल अकाउंट से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते हैं तो फिर उन्हें हुए नुकसान की जिम्मेदारी बैंक की नहीं होगी। बैंक कई बार ग्राहकों से इन जानकारियों को डिलीट करने का अनुरोध भी करते हैं।




