
रेवाड़ी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भ्रूण लिंग जांच कराने वाली एक महिला व उसके कार चालक को काबू किया हैं। महिला ने 45 हजार रुपए में लिंग जांच का सौदा तय किया था। उसके बाद दलाल अपने ड्राइवर के जरिए डिकॉय पेशेंट को 12 घंटे तक राजस्थान, हरियाणा व यूपी के कुछ इलाकों में घुमाती रही। इस बीच अल्ट्रासाउंड करने वाले मुख्य आरोपी से भी उसका संपर्क मोबाइल पर बना रहा। रात को वह धारूहेड़ा पहुंची तो मुख्य आरोपी से संपर्क टूट गया, उसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला दलाल व कार चालक को काबू कर लिया हैं।
पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डा. सुरेन्द्र यादव की शिकायत पर धारूहेड़ा थाना पुलिस ने महिला दलाल व उसके चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। नोडल अधिकारी डा. सुरेन्द्र यादव ने बताया कि उन्हें पता चला था कि राजस्थान के अलवर जिले के तिजारा कस्बा की रहने वाली सुषमा भ्रूण लिंग जांच गिरोह में शामिल है।
शुक्रवार को गिरोह को पकड़ने के लिए डा. सुरेन्द्र यादव के अलावा डा. विशाल राव, डा. योगेश यादव व सीआईए के सब इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार की टीम ने एक डिकॉय पेशेंट तैयार किया और फिर सुषमा से संपर्क साधा गया। सुषमा 45 हजार रुपए में भ्रूण लिंग जांच कराने के लिए तैयार हो गई। सुषमा ने डिकॉय पेशेंट को राजस्थान के तिजारा में बुला लिया। यहां पर महिला दलाल सुषमा ने उसे अपनी कार में बैठाया। कार को सुषमा का चालक तिजारा के ही गांव खलीलपुरी निवासी हवासिंह चला रहा था। दोनों डिकॉय पेशेंट को सबसे पहले तिजारा में एक जगह लेकर गए। उसके बाद भिवाड़ी और फिर गुरुग्राम जिले के तावडू लाये।
इस बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके पीछे लगी रही। लेकिन यहां भी कोई बात नहीं बनी। उसके बाद डिकॉय पेशेंट को यूपी के गाजियाबाद व गौतमबुद्धनगर ले जाया गया। काफी देर दोनों शहरों में घूमने के बाद सुषमा ने कार चालक को वापस धारूहेड़ा की तरफ जाने के लिए कहा। इस बीच सुषमा मुख्य आरोपी से अल्ट्रासाउंड से संबंधित बातचीत करती रही। करीब 12 घंटे तक इधर-उधर चक्कर कटवाने के बाद धारूहेड़ा पहुंचते ही सुषमा का मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया।
इस बात की जानकारी पीछा कर रही स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी लग गई थी। सुषमा इससे पहले डिकॉय पेशेंट को गाड़ी से उतारती टीम ने तुरंत उसे व उसके कार चालक को काबू कर लिया। दोनों को धारूहेड़ा पुलिस थाने लाया गया। धारूहेड़ा थाना पुलिस ने दोनों पर पीएनडीटी एक्ट के अलावा कई अन्य धाराओं में केस दर्ज किया हैं।





