- डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा के तहत ओआरएस घोल के 2 हजार 700 पैकेट किए वितरित
15 जुलाई तक जिला स्तर पर चलाया जा रहा है डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा - क्या आपके घर तक पहुँचे ओआरएस खोल के पैकेट !
रेवाड़ी, 8 जुलाई। डायरिया की जांच के लिए जिला में एक जुलाई से शुरू हुआ डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा चलाया जा रहा है। इस महीने 15 जुलाई तक चलने वाले इस पखवाड़े के तहत जिला में अभी तक ओआरएस घोल के लगभग 2 हजार 700 पैकेट वितरित किए जा चुके है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एवं उप सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों में डायरिया से होने वाले मृत्यु की रोकथाम के उद्देश्य से जिला में 15 जुलाई तक डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पांच साल तक के बच्चों में मृत्यु का मुख्य कारण डायरिया है, इसके जल्द उपचार से शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। जिला में ग्राम स्तर पर सभी छ: माह से पांच साल तक के बच्चों के घरों में ओ.आर.एस. पैकेट का वितरण किया जा रहा है। पखवाड़ा के दौरान वितरण कार्यक्रम के तहत अभी तक जिला में ओआरएस घोल के 2 हजार 700 पैकेट वितरित किए जा चुके है।
डॉ अशोक कुमार ने बताया कि पखवाड़ा के तहत एएनएम, आशा वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को ओ.आर.एस. तथा जिंक टेबलेट के महत्व के बारे में बता रहे हैं। साथ ही उसके प्रयोग, स्वच्छता, डायरिया कारकों की पहचान आदि के बारे शिक्षित किया जा रहा है। डॉ ने कहा कि बरसात के मौसम में स्वछता के अभाव में अधिकतर बच्चे डायरिया से प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में सड़ी-गली सब्जियों व फलो में डायरिया के कीटाणु पाए जाते हैं, इसलिए यह जरूरी है कि हमें डायरिया से बचाव के लिए ताजा फल व सब्जियां खरीदकर उन्हें अच्छी तरह से धोकर ही इस्तेमाल में लाना चाहिए। इसके साथ ही हमें अपने घर मे साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि सफाई के अभाव में गंदगी होने पर मक्खियां पनपती हैं और मक्खी डायरिया का प्रमुख वाहक है। डायरिया से बचाव के लिए अपने घर व आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई निहायत जरूरी है।





