
रेवाड़ी जिले के कुछ शराब ठेकों पर सस्ती शराब बेचने के विरोध में बुधवार को दर्जनभर ठेका संचालको ने ठेका बंद कर आबकारी आयुक्त को चाबी सौंप विरोध प्रदर्शन किया. ठेका संचालकों का कहना है कि आबकारी नियम के अनुसार निर्धारित रेट से सस्ती दरो पर शराब की बिक्री नहीं की जा सकती है . लेकिन रेवाड़ी जिले में कई ऐसे शराब ठेका संचालक है जो एक बोतल के साथ एक फ्री तक का बोर्ड लगाकर शराब की बिक्री कर रहे है . रोष जाहिर करने वाले शराब ठेका संचालकों ने आरोप लगाया है कि विभाग शिकायत के बावजूद कोई एक्शन नहीं ले रहा है . इसलिए मजबूर उन्हें शराब ठेका बंद कर , चाबी सौंपकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है .
सस्ती नहीं महंगी शराब बेची जा सकती है
रोष व्यक्त कर रहे ठेकदारों का कहना है कि आबकारी निति के अनुसार निर्धारित रेट से महंगे दाम पर शराब की बिक्री की जा सकती है . लेकिन कम रेट पर शराब की बिक्री नहीं की जा सकती है . और ना ही लुभावाने ऑफ़र देकर शराब की बिक्री करना जायजा है. उन्होंने कहा कि या तो विभाग मनमानी करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई करें या उनका जमा फ़ीस वापिस दी जाएँ .
आबकारी आयुक्त के सामने उठायें ये सवाल !
- पहला : नियमों का उलंघन करने वाले ठेकदारों पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं की गई . विभाग के अधिकारीयों की कुछ ठेकेदारों के साथ मिलीभगत है .
- दूसरा : सस्ती शराब बेचकर सरकार की मासिक फ़ीस नहीं भरी जा सकती, तो सस्ती शराब बेचने वाले क्या गोलमाल कर रहे है .
- तीसरा : शराब बिना अनुमति के बेची जा रही है या नकली शराब बेची जा रही है , या फिर दुसरें राज्यों से शराब आ रही है .
इस मामले में आबकारी आयुक्त ने इंस्पेक्टर को निर्देश दिए है कि दो दिन में कार्रवाई करें.










